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आतंकियों का ट्रांजिट जोन बन रहा नेपाल बॉर्डर

9 वर्ष पहले
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मुजफ्फरपुर .भारत-नेपाल की खुली सीमा इन दिनों आतंकियों का ट्रांजिट जोन बनती जा रही है। किशनगंज से लेकर यूपी के सोनौली तक तकरीबन 753 किलोमीटर नेपाल की खुली सीमा है। इसका लाभ आतंकी उठाते हैं। इस मामले को लेकर खुफिया विभाग सहित अन्य एजेंसियों ने सरकार को सचेत भी किया है।

खुफिया विभाग के सूत्रों की मानें तो दर्जनभर पाकिस्तानी आतंकियों ने नेपाल के वीरगंज में आईएसआई के पूर्व नेपाल प्रभारी सलीम मियां अंसारी के साथ बैठक कर भारतीय क्षेत्रों में कहर बरपाने, जाली भारतीय करेंसी व मादक पदार्थों को देश के विभिन्न राज्यों में भेजे जाने आदि विभिन्न मुद्दों पर मशविरा किया।

बैठक में इन आतंकियों को बॉर्डर पार कराने की जिम्मेदारी सलीम मियां अंसारी के प्रमुख सहयोगी कालिया उर्फ काला नाग उर्फ जालिम मियां को सौंपी गई। मोतिहारी, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी से आधा दर्जन से अधिक संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी, 2011 में भारी मात्रा में मुजफ्फरपुर में जापान निर्मित पेन पिस्टल की बरामदगी खुफिया विभाग के सूत्रों की आशंका को पुष्ट करते हैं।

एनआईए के सूत्रों के अनुसार इंडियन मुजाहिदीन का प्रमुख यासीन भटकल ने दिसंबर 2012 में दरभंगा, समस्तीपुर आदि जिलों में एक सप्ताह रहकर कई युवाओं को अपने संगठन से जोड़ा है।

संगठन विस्तार के बाद वह नेपाल के रास्ते पाकिस्तान निकल गया। वहीं, आईएसआई ने सेना का गुप्त दस्तावेज प्राप्त करने के लिए आर्मी के दो अधिकारियों को मोटी रकम देकर अपने जाल में फांस लिया था।

हालांकि आईबी ने सीतामढ़ी के बैरगनिया थाना के ढेंग निवासी सुधांशु कुमार और पूर्वी चम्पारण के एक जवान को गिरफ्तार कर लिया था।