हाजीपुर/ मुजफ्फरपुर. पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि बिहार 20 वर्षों से राजनीतिक प्रतिद्वंदिता का शिकार रहा है। प्रदेश और केंद्र में अलग-अलग पार्टियों की सरकार रहने के कारण अब तक समुचित विकास नहीं हो पाया है। जनता ने भाजपा के हाथ में केंद्र की बागडोर सौंपी है।
नरेंद्र मोदी की अगुआई में देश लगातार तरक्की का सफर तय कर रहा है।
अब बिहार की बारी है। यदि यहां भी ऐसा हुआ, तो बिहार को वह सबकुछ मिल जाएगा जिसका वह हकदार है। ये बातें उन्होंने गुरुवार को हाजीपुर से ‘बिहार बचाओ-बिहार बनाओ’ अभियान की शुरुआत करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर तक पंचायत स्तरीय करीब 27 हजार सभाएं होंगी। केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाया जाएगा। पहला चरण तीन दिनों का होगा। दूसरे चरण की शुरुआत 6 अक्टूबर से होगी।
दवा घोटाले में नीतीश को क्लीन चिट नहीं मिल सकती : मोदी ने कहा कि दवा घोटाले में नीतीश कुमार को क्लीन चिट नहीं मिल सकती। जब यह घोटाला हुआ, तब नीतीश कुमार के पास स्वास्थ्य मंत्रालय भी था। उनके कई रिश्तेदार इसमें फंसेंगे। उन्होंने नीतीश कुमार के एक करीबी रिश्तेदार संजय कुमार का नाम भी लिया।
नमो का पीएम बनना कई नेताओं को नहीं पच रहा
मुजफ्फरपुर के कुढ़नी प्रखंड के लदौरा व पदमौल हाट में सभा को संबोधित करते हुए नंदकिशोर यादव ने कहा कि नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री बनना बिहार के कुछ नेताओं को पच नहीं रहा है। उनके पीएम बनने से पूरी दुनिया में खलबली मची हुई है। बिहार में जब भाजपा-जदयू गठबंधन की सरकार थी, तब अपराधी अंडरग्राउंड थे। गठबंधन टूटते ही अपराध का ग्राफ बढ़ गया है।