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घर में लगी आग, बेटी के सपने पर लगा

7 वर्ष पहले
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बेतिया. घर में आग लगने के साथ ही संध्या के सपने पर ग्रहण लग गया है। संध्या की मंगलवार को शगाई होनी थी, और दो माह बाद शादी होनी थी, लेकिन घर में हुए एक अनहोनी ने संध्या के सपने पर ही ग्रहण लगा दिया है।
संध्या की मां ने अपनी बेटी की शादी के लिए लोगों से कर्ज लेकर गहने और नगद एकत्रित कर रखा था। लेकिन घर में आग लगने के कारण सब कुछ राख हो गया। घर में एक लाख 32 हजार रूपए नगद, सात थान जेवर, कपड़े सहित अन्य सामग्री भी जल गए।
विधवा मां के सारे अरमान भी आग की लपटों ने जल गई है। रविवार की रात बिल्ली ने घर में रखे हुए लैंप को गिरा दिया जिससे घर में आग लग गई। आग से आस पास के तीन घर जलकर राख हो गए हैं। आग में रामानंद महतो की विधवा लखराजी, नंदकिशोर महतो एवं लालबचन महतो के घर जल गए हैं। तीनों घरों में करीब ढ़ाई लाख के समान जलकर राख हो गए हैं। पंचायत व अंचल कार्यालय से अग्रिपीडि़तों को राहत का आश्वासन दिया गया है.