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डाउनलोड करेंमुजफ्फरपुर. भारत व नेपाल के संयुक्त प्रयास से बाघों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। दोनों देशों के वन अधिकारियों के अथक प्रयास से यह संभव हो सका है। विगत चार वर्षों में बाघों की संख्या 63 प्रतिशत तक बढ़ी है। सोमवार को काठमांडू में बाघों की जनसंख्या पर रिपोर्ट जारी करते हुए संरक्षण एवं संवद्र्धन में जुटे अधिकारियों ने यह दावा किया।
20 जनवरी को दोनों देशों के बीच छठा द्विपक्षीय सलाहकार वार्ता संपन्न हुई। वार्ता में अभियान को और तेज करने एवं वन्य जीवों का अवैध शिकार एवं व्यापार पर रोक लगाने पर सहमति बनी। इस दौरान एक एमओयू पर हस्ताक्षर भी किया गया। कोई भी विवाद होने पर आपसी सहमति से सुलझाने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों का मानना है, कि यह द्विपक्षीय वार्ता दोनों देशों के लिए समय की जरूरत है।
भारत सरकार के सहयोग से नेपाल बॉर्डर पर बाघों की संख्या को बढ़ाने के लिए वर्ष 1990 से तराई आर्कलैंड स्केप प्रोग्राम चलाया जा रहा है। इसके तहत भारत के वाल्मीकि टाईगर रिजर्व, बांके राष्ट्रीय उद्यान, पिलीभीत टाईगर रिजर्व व नेपाल के चितवन नेशनल पार्क और परसा पार्क को एक साथ जोड़कर वैश्विक किया गया है।
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