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हिरासती मौत के मामले में बिहार का स्थान 14वां

8 वर्ष पहले
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पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मानवाधिकार संरक्षण के लिए आवेदनों को डील करना ही पर्याप्त नहीं है। जरूरी आवश्यक कार्रवाई की है। बिहार में मानवाधिकार आयोग बेहतर काम कर रहा है। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि बिहार हिरासती मौत के मामले में 14वें स्थान पर है।

मुख्यमंत्री बिहार मानवाधिकार आयोग की स्थापना के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। मौके पर 'सुशासन और मानवाधिकार संरक्षण पर संगोष्ठी भी हुई। सीएम ने कॉलेज के दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि मुद्दों पर हल्ला करते थे तो पुलिस गिरफ्तार कर थाने में चाय भी पिलाती थी। मौके पर आयोग के सचिव आनंदवर्धन सिन्हा, गृह सचिव आमिर सुबहानी, आईजी निर्मल आजाद भी मौजूद थे।मिलकर चाहेंगे, तभी सुशासन संभव है

आयोग के पूर्व अध्यक्ष न्यायमूर्ति एस एन झा ने कहा कि जस्टिस डिलेवरी सिस्टम में आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लोकायुक्त सीएम प्रसाद ने कहा कि भ्रष्टाचारमुक्त सिस्टम से ही सुशासन की कल्पना की जा सकती है। न्यायमूर्ति राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि मिलकर चाहेंगे, तभी सुशासन संभव है।