पटना. राज्य के सभी अनुमंडलों में आईटीआई खोला जाना है। इसके लिए श्रम संसाधन विभाग ने जमीन उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है। राज्य के 54 अनुमंडलों में सामान्य आईटीआई और 22 महिला आईटीआई खोलने का प्रस्ताव है।
अभी तक 47 अनुमंडलों में ही 71 आईटीआई हैं, जबकि 16 जिलों में ही महिला आईटीआई हैं। ये वे अनुमंडल हैं, जहां आईटीआई नहीं है। श्रम संसाधन विभाग ने 28 जनवरी को सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर चिह्नित अनुमंडलों में आईटीआई के लिए कम से कम तीन-तीन एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के लिए कहा है। एक आईटीआई की स्थापना के लिए 7 से 8 करोड़ रुपए खर्च होंगे। नए आईटीआई में कम से कम 6 ट्रेड होंगे। रोजगार की संभावना वाले अत्याधुनिक ट्रेड की ही पढ़ाई होगी। एक आईटीआई में 32 से 35 इंस्ट्रक्टर व कर्मचारी होंगे।
इन जिलों में खोलना है महिला आईटीआई
अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, भभुआ, बक्सर, जमुई, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, नालंदा, नवादा, रोहतास, समस्तीपुर, शेखपुरा, शिवहर, सीतामढ़ी, वैशाली और पश्चिम चंपारण।
यहां खुलेंगे सामान्य आईटीआई
अररिया, दाउदनगर, मंझौल, बखरी, तेघड़ा, मोहनिया, कहलगांव, नौगछिया, जगदीशपुर, डुमरांव, बेनीपुर, बिरोल, अरेराज, रक्सौल, सिकहराना, पकरीदयाल, चकिया, शेरघाटी, गोपालगंज, मनिहारी, गोघरी, उदाकिशुनगंज, जयनगर, झंझारपुर, फूलपरास, हवेली खड़गपुर, तारापुर, पूर्वी मुजफ्फरपुर, राजगीर, रजौली, बाढ़, दानापुर, मसौढ़ी, पालीगंज, बनमनखी, धमदाहा, वैशाली, सासाराम, बिक्रमगंज, सिमरी बख्तियारपुर, दलसिंहसराय, पटोरी, रोसड़ा, छपरा, सोनपुर, पुपरी, शेखपुरा, बेलसंड, महाराजगंज, निर्मली, त्रिवेणीगंज, महनार, महुआ व नरकटियागंज।
सरकारी आईटीआई में हैं ये ट्रेड
ड्राफ्टमैन मैकेनिकल, सर्वेयर, फिटर, टर्नर, मैकेनिक्स ग्राइंडर, इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रिशियन एससीवीटी, वायरमैन, ड्राफ्टमैन सिविल, इलेक्ट्रो प्लास्टर, वायरलेस ऑपरेटर, मैकेनिक इंस्ट्रुमेंट, प्रोडक्शन एंड मैनुफैक्चरिंग, मैकेनिकल डीजल, प्लम्बर, सीट मेटल, मोल्डर, मैकेनिशयन ट्रैक्टर, वेल्डर, कटिंग एंड सेविंग, स्टेनोग्राफी (अंग्रेजी), स्टेनोग्राफी (हिंदी), प्लास्टिक प्रोसेसिंग ऑपरेटर।
श्रम संसाधन मंत्री विजय प्रकाश ने बताया कि सभी अनुमंडलों में नए आईटीआई खोले जाने हैं। जिन अनुमंडलों में आईटीआई नहीं है, वहां आईटीआई खोलने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। हर जिले में कम से कम एक महिला आईटीआई खोला जाएगा। तकनीकी रूप से प्रशिक्षित कर युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य है।