सर्जिकल वार्ड रात में अावारा कुत्तों का \'रेस्ट हाउस\', इस डर से चुप रहते हैं पेशेंट्स / सर्जिकल वार्ड रात में अावारा कुत्तों का 'रेस्ट हाउस', इस डर से चुप रहते हैं पेशेंट्स

काटने के डर से मरीज या उनके परिजन कुत्तों को भगाने की भी हिम्मत नहीं दिखा पाते।

Dec 05, 2017, 01:43 AM IST
अस्पताल के सर्जिकल वार्ड रात में इस तरह बेठ पर आराम करते हैं कुत्ते। अस्पताल के सर्जिकल वार्ड रात में इस तरह बेठ पर आराम करते हैं कुत्ते।

मुजफ्फरपुर. यहां के सदर अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में रात होते ही पेशेंट्स के बेड पर आवारा कुत्तों का आतंक मच जाता है। बेड पर मरीज की जगह कुत्ते आराम करते हैं। हालांकि, वार्ड में मरीज भी एडमिट हैं। लेकिन, रात होते ही दर्जन भर से अधिक कुत्ते वार्ड में घुस कर बेड पर चढ़ जाते हैं। काटने के डर से मरीज या उनके परिजन कुत्तों को भगाने की भी हिम्मत नहीं दिखा पाते। परिजनों को रात में जाग कर मरीजों की सुरक्षा करनी पड़ती है। ठंड लगने पर कई बार तो कुत्ते बेड पर सोए मरीजों के बिस्तर में घुस जाते हैं।

आधी रात के बाद नजर नहीं आते वार्ड अटेंडेंट

वार्ड में अटेंडेंट की भी ड्यूटी होती है। लेकिन, आधी रात बाद कोई नजर नहीं आता। कई बार भगाने की कोशिश करने वालों पर कुत्तों का झुंड हमला कर देता है। सर्जरी व बर्न मामलों से संबंधित मरीजों को सर्जिकल वार्ड में रखा जाता है। ऐसे में संक्रमण एक बड़ी समस्या है। बेड पर कुत्तों का होना मरीजों के लिए जोखिम भरा है।

रैबीज वायरस है ‘साइलेंट किलर’

आवारा कुत्तों से रैबीज का खतरा रहता है। यह ‘साइलेंट किलर’ की तरह है। रैबीज वायरस सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर हमला करता है। इंसानों में इसके लक्षण कुछ दिनों से लेकर महीनों तक में दिखाई देते हैं। सदर अस्पताल में औसतन हर दिन 60 मरीज कुत्ते के काटने वाले आते हैं।

डीएम ने किया हॉस्पिटल का निरीक्षण

हॉस्पिटल का निरीक्षण करने आए डीएम धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि ओपीडी और वार्ड में कुछ कमी पाई गई है। लोगों की शिकायत थी कि मीनू के अनुसार खाना नहीं मिलता और चादर समय पर नहीं बदला जाता। जो कमी पाई गई उसके लिए जिम्मेदार लोगों पर चिन्हित किया गया है। वार्ड में पशुओं के आने-जाने के मामले में पूछताछ की गई है। डीएस का कहना है कि ये पहले के फोटो हैं। पहले का फोटो हो या कुछ और। रात में निगरानी रखी जानी चाहिए। पशुओं को वार्ड में आने नहीं दिया जा सकता। बिल्डिंग इंजीनियर को निर्देश दिया गया है कि वे वार्ड की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय करें। वार्ड अटैंडेंट, सुरक्षाकर्मी और हॉस्पिटल मैनेजर की ड्यूटी है कि इसे देखें। उन्हें प्रतिदिन इसकी निगरानी रखनी है।

फोटो : तुषार राय

dogs on surgical ward bed of Government Hospital
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अस्पताल के सर्जिकल वार्ड रात में इस तरह बेठ पर आराम करते हैं कुत्ते।अस्पताल के सर्जिकल वार्ड रात में इस तरह बेठ पर आराम करते हैं कुत्ते।
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