साइंस कॉलेज के विभागों के लिए भवन की दिक्कत होगी दूर
पटनाविश्वविद्यालय में साइंस कॉलेज का कैंपस ऐसा है, जिसकी तुलना राज्य के कई भव्य भवन भी नहीं कर सकते। लेकिन कैंपस में बढ़ते विद्यार्थियों की संख्या और कोर्स के कारण अब भवन कम पड़ रहे हैं। जरूरत नए भवनों की है, जिसके लिए प्रयास जारी है। साइंस कॉलेज में पुराने भवनों को दुरुस्त कराने की प्रक्रिया तो जारी है ही, नए भवन के लिए भी प्रयास चल रहा है। कॉलेज प्रशासन ने एक मल्टीस्टोरी भवन बनाने की योजना बनाई है, जिसमें जरूरत के मुताबिक विभागों को शिफ्ट किया जाएगा। साथ ही एक गर्ल्स हॉस्टल निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हुई है।
वोकेशनलकोर्स के लिए अलग भवन होगा
साइंसकॉलेज का स्ट्रक्चर ऐसा है जिसमें अलग-अलग विषयों के हिसाब से ब्लॉक हैं। लेकिन इनमें वोकेशनल कोर्स के लिए कोई भवन नहीं है। जबकि कॉलेज में तीन वोकेशनल कोर्स चलते हैं। इसमें बीसीए, बीएससी इन बायोटेक्नोलॉजी और बीएससी इन इंवायरमेंटल साइंस शामिल हैं। अब नया भवन बनने के बाद सभी वोकेशनल कोर्स इसी में शिफ्ट किए जाएंगे।
8 फ्लोर का होगा भवन
सेल्फफाइनेंसिंग कोर्स के लिए जो भवन बनेगा, उसमें 8 फ्लोर होंगे। साइंस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. यूके सिन्हा ने बताया कि राज्य सरकार ने इसके लिए 8 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। स्टेट एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन निर्माण कार्य शुरू करेगा। हर फ्लोर पर तीन लैब और 3 क्लास रूम बनेंगे। कैफेटेरिया, कन्वेंशन हॉल और ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग भी रहेगी। परीक्षा भवन की बगल में जमीन तय की गई है। वहीं एक करोड़ के फंड से गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाना है। फंड सैंक्शन हो चुका है। नया भवन न्यूटन हॉस्टल के पीछे बनेगा।