मरीज का रखें पूरा िरकॉर्ड
जबकोई मरीज आपके पास आए तो उसका पूरा िरकॉर्ड रखें। जैसे-नाम, पता, फोन नंबर, ईमेल, ब्लड ग्रुप, उम्र, लिंग आदि। इससे उनके इलाज में सहायता मिलेगी। आपके पास एक डाटा भी तैयार होता जाएगा।
रविवार को आईजीअाईएमएस में गुड क्लिनिकल प्रैक्टिस पर कार्यशाला हुई। कोर्स को-ऑर्डिनेटर डॉ. मनीष मंडल ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मरीजों का िरकॉर्ड रखने से फॉलोअप में सहायता मिलेगी। निदेशक डॉ. एनआर विश्वास ने कहा कि अस्पताल में रिसर्च डेवलपमेंट का काम शुरू हो गया है। जो रिसर्च कर रहे हैं उन्हें बेहतर तरीके से ट्रेंड किया जाएगा। रिसर्च पेपर को कैसे तैयार करना है। एथिकल कमेटी देखेगी। इसकी जिम्मेदारी डॉ. मनीष संभालेंगे। डॉ. वाईके गुप्ता ने कहा कि हमारे घर के बुजुर्ग कहते हैं- अच्छे से देखभाल करो। यही तो गुड प्रैक्टिस है। दिल्ली के डाॅक्टर सोरेंद्र दास ने गुड क्लिनिकल प्रैक्टिस और रिसर्च के बारे में बताया। डॉ. हरिहर दीक्षित ने कहा कि गाइडलाइन पर ध्यान दें।
हेल्थ एग्जीबिशन में डिपार्टमेंट ऑफ ऑप्थोमोलॉजी विभाग को बेस्ट स्टॉल इन वीयू ऑफ जजेज का अवाॅर्ड दिया गया। यह अवाॅर्ड डॉ. विभूति प्रसुन्न सिन्हा को दिया गया। इसके साथ ही कई विभागों के चिकित्सक को भी सम्मानित किया गया। वहीं, 10 फरवरी को आयोजित फार्मा क्विज में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को इस अवसर पर पुरस्कार दिया गया। इस मौके पर डॉ. आईबी सिन्हा, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. अरविंद प्रसाद, डॉ. वीपी सिंह सहित कई चिकित्सक मौजूद थे।