मार्च से पटना में जेंडर की पढ़ाई
लिंगआधारित भेदभाव को दूर करने के लिए महिला विकास निगम ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत निगम की ओर से पटना के स्कूलों में मार्च से लिंग आधारित शिक्षा यानी जेंडर की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। इसमें छठी और सातवीं के बच्चों को पॉस्को, ईव टीजींग, हरासमेंट, घरेलू हिंसा, मानसिक शोषण के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्हें उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सचेत किया जाएगा। इस क्रम में पहले अध्यापकों को ट्रेंड किया जाएगा। उसके बाद अध्यापक छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित करेंगे।
पाठ्यक्रमरहा पसंद
पिछलेसाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गया, बांका, पूर्णिया, जहानाबाद के दस स्कूलों में महिला विकास निगम की ओर से जेंडर की पढ़ाई शुरू की गई। इसमें कक्षा 6 और 7 के विद्यार्थियों को लिंग आधारित शिक्षा दी जा रही है। विद्यार्थियों और अभिभावकों ने इस पाठ्यक्रम को काफी पसंद किया है। इस सफलता के बाद अब यह योजना पटना सहित 10 अन्य जिलों में शुरू की जाएगी।
लड़के यह काम कर सकते हैं और लड़कियां नहीं कर सकतीं। इस प्रवृत्ति को इस पाठ्यक्रम के जरिए बदलने की कोशिश हो रही है। मकसद है कि दोनों एक-दूसरे के महत्व को समझें। लड़के यह जानें कि लड़कियां किसी मामले में कमतर नहीं हैं। दरअसल, लड़कों को घर में ही ऐसा माहौल मिलता है कि वे खुद को बेहतर और लड़कियों को कमतर समझते हैं। इसी मानसिकता के कारण भविष्य में छेड़खानी, शोषण और अन्य आपराधिक घटनाएं होती हैं। एेसे में छठी और सातवीं के स्तर पर ही उनकी काउंसिलिंग कर उन्हें सही दिशा में मोड़ने की पहल की गई है। इसके तहत बच्चों को हर व्यक्ति को उचित सम्मान देना, लिंग भेद के अंतर को कम करना, संवेदनशील व्यवहार करना, थर्ड जेंडर के साथ भी समान व्यवहार करने की शिक्षा दी जाएगी।
19 से शिक्षकों की ट्रेनिंग
^पायलटप्रोजेक्ट की सफलता के बाद जल्द ही अन्य 10 जिलों में इसे शुरू करने की तैयारी की है। शिक्षकों की ट्रेनिंग 19 फरवरी से शुरू हो रही है। मार्च से स्कूलों में यह पढ़ाई शुरु हो जाएगी।\\\'\\\' रूपेशकुमार सिन्हा, परियोजना प्रबंधक, महिला विकास निगम