आईआईटी पटना में शुरू होगा बीसीई बख्तियारपुर
साइंसएंड टेक्नोलॉजी विभाग छह जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेजों को अगले सत्र से शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए निकटवर्ती पॉलिटेक्निक संस्थानों का चयन किया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2016-17 से सीतामढ़ी, मधेपुरा, सासाराम, कटिहार, बख्तियारपुर बेगूसराय में इंजीनयिरिंग की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी। इसमें से बख्तियारपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को आईआईटी पटना के पुराने कैंपस पाटलिपुत्र में शुरू करने की योजना है। नए भवन के निर्माण के बाद इसे बख्तियारपुर शिफ्ट कर दिया जाएगा। नए खुलने वाले इंजीनियरिंग कॉलेजों को सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की भी योजना है।
पदाधिकारी से बदल जाती है कॉलेज खोलने की योजना
प्रदेशके हर जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना को पूरा कराने में अब तक सफलता नहीं मिली है। साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग इस योजना को लेकर सभी प्रकार की योजनाओं को अंतिम रूप देता है। प्रक्रिया पूर्ण होने की कगार पर आते-आते प्रधान सचिव या निदेशक बदल जाते हैं। नए पदाधिकारी आने के बाद प्रक्रिया को अपने तरीके से दोबारा शुरू कराने का निर्देश देते हैं। इस कारण कार्ययोजना को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। विभागीय स्तर पर अब इस योजना को पूरा कराने पर सहमति बनती दिख रही है। मंत्री जय कुमार सिंह इस मामले को पूरा कराने के लिए गंभीर हैं। उन्होंने काम को पूरा कराने के लिए हर संभव कदम उठाने की बात कही है। फेजवाइज 25 जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेजों का निर्माण कराया जाएगा। हालांकि, विभाग की सबसे बड़ी परेशानी जिलों से कॉलेजों के निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता कराया जाना है। विभागीय पदाधिकारी ने बताया कि जिलों से प्रस्ताव मांगा जा रहा है। अब जहां से प्रस्ताव आएगा, वहां इंजीनियरिंग कॉलेजों के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। विभाग का कहना है कि अगर एक बार में छह-सात जिलों से जमीन का प्रस्ताव मिल जाता है तो वहां एक साथ कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया को आरंभ कर दिया जाएगा।