रोड रोलर पर मुखिया टमटम पर सरपंच
पंचायतचुनाव में किस्मत आजमाने की तैयारी कर रहे भावी प्रत्याशियों के हाथ क्या आएगा...रोड रोलर, टमटम, ट्रैक्टर या मोटरसाइकिल? इसी के बूते उनकी चुनावी नैया पार होगी। दरअसल ये आने वाले पंचायत चुनाव के प्रतीक चिह्न हैं, जिनके बूते प्रत्याशी वोटिंग के दौरान पहचाने जाएंगे। पंचायत चुनाव की अधिसूचना जल्द जारी होगी। इसके साथ नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। चुनाव दलीय आधार पर नहीं होना है, लिहाजा प्रत्याशियों को पार्टी के चुनाव चिह्नों से इतर प्रतीक चिह्नों पर ही चुनाव लड़ना होगा। इसे ध्यान में रखकर राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत के विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग चुनाव चिह्नों का आवंटन कर दिया है।
ग्राम पंचायत सदस्य के पद के लिए पांच, मुखिया के पद के लिए 29, ग्राम कचहरी के पंच पद के लिए पांच, सरपंच के पद के लिए 21, पंचायत सिमिति के सदस्य पद के लिए 10 और जिला परिषद के सदस्य पद के लिए 20 प्रतीक चिह्नों का आवंटन किया गया है। इसके अलावा 32 प्रतीक चिह्नों को सुरक्षित रखा गया है। प्रतीक चिह्न इतने दिलचस्प और रोचक हैं कि आम वोटरों के जहन में तुरंत बस जाएं। नाम वापसी के तुरंत बाद अभ्यर्थियों की सूची बनाई जाएगी। सूची देवनागरी लिपि में अक्षर के वर्ण क्रमानुसार तैयार की जाएगी। इसके आधार पर क्रमवार प्रतीक चिह्नों का आवंटन होगा। सुरक्षित प्रतीक चिह्नों में अगर किसी मतदान केंद्र पर पद विशेष के प्रत्याशी के लिए क्रम संख्या-1 का निर्वाचन प्रतीक आवंटित करने की आवश्यकता पड़ती है तो पंचायत के दूसरे पद विशेष के प्रत्याशियों के लिए आवश्यकता पड़ने पर क्रम संख्या 2 एवं उससे आगे के प्रतीक चिह्न आवंटित किए जाएंगे।
किस पद के लिए कौन-कौन से प्रतीक चिह्न
पंचायत सदस्य : वायुयान,अलमीरा, कुल्हाड़ी, गुब्बारा केला
मुखियापद : मोतियोंकी माला, ब्लैक बोर्ड, कमल दवात, ईंट, पुल, बैंगन, ब्रश, चिमनी, कैमरा, मोमबत्तियां, कार, कैरम बोर्ड, गाजर, नेकटाई, रोड रोलर, दाव, जग, केतली, शटल, टेंट, टेलीविजन, टॉफी, छड़ी, ऊन, सीटी, चुड़ियां, टोकरी, बल्ला और कांटा
ग्रामकचहरी के पंच : गुड़िया,चापाकल, कुर्सी, टार्च और ट्रैक्टर
ग्रामकचहरी के सरपंच : स्टोव,मोटरसाइकिल, नल, बल्ब, जीप, काठगाड़ी, वैन, हाथ ठेला, लट्टू, हल, टमटम, टेलीफोन, टाइपराइटर, ढाल, छाता, भोजन की थाली, टी-सेट, पानी का जहाज, ट्रक, चरखा और तलवार
पंचायतसमिति के सदस्य : छतका पंखा, नारियल, कंघा, चारपाई, कप-प्लेट, डोली, फ्राॅक, फ्राइंग पैन, गैस सिलिंडर बिजली का खंभा
जिलापरिषद के सदस्य : पतंग,लेडी पर्स, लेटर बॉक्स, ताला और चाबी, मक्का, प्रेशर कुकर, रेल का इंजन, आरी, कैंची, सिलाई की मशीन, स्लेट, चम्मच, स्टूल, मेज, टेबुल लैंप, गैस का चूल्हा, कांच का ग्लास, हारमोनियम, टोप और वायलीन
पटना|राज्य मेंदलीय आधार पर पंचायत चुनाव कराने की मांग को लेकर भाकपा माले और ग्रामीण मजदूर सभा (खेमस) ने पूरे राज्य में मंगलवार को धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव गैरदलीय आधार पर होता रहा है। इसकी आड़ में सत्ताधारी पार्टियां पंचायतों में दबंगों-अफसरों-बिचौलियों के भ्रष्ट गठजोड़ से पंचायत चलाती हैं और जनता के प्रति जिम्मेवारी जवाबदेही से खुद को मुक्त रखकर जनता के प्रत्यक्ष आक्रोश से भी बच जाती हैं। धरना में पोलित ब्यूरो सदस्य अमर, राजाराम, राज्य कमेटी सदस्य के उमेश सिंह, कमलेश शर्मा, नवीन कुमार, गोपाल रविदास, नवल भारती, नागेश्वर पासवान, कमला देवी, माधुरी देवी, अकलू पासवान, संजय पासवान, जितेंद्र राम, कमलेश कुमार आदि मौजूद थे। अध्यक्षता राज्य कमेटी सदस्य सत्यनारायण ने की।
पंचायतसदस्यों के आरक्षण का प्रस्ताव तैयार : कईदिनों की माथापच्ची के बाद पटना सदर प्रखंड प्रशासन ने ग्राम पंचायत सदस्यों के आरक्षण का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। बीडीओ द्वारा आरक्षण प्रस्ताव प्रखंड के वरीय उप समाहर्ता सह प्रभारी पदाधिकारी की निगरानी में तैयार किया गया है। आरक्षण प्रस्ताव की जांच जिला निर्वाचन पदाधिकारी करेंगे। जिला से भेजे गए आरक्षण प्रस्ताव की राज्य निर्वाचन आयोग में जिला पंचायत राज पदाधिकारी की उपस्थिति में जांच की जाएगी। आरक्षण प्रस्ताव को अनुमोदन के उपरांत जिला को प्राप्त होना है।