युवा आवास में मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल 12 से
12फरवरी से युवा आवास में मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह फेस्टिवल 14 फरवरी तक चलेगा, इस वर्ष यह मैथिली के विद्वान राजमोहन झा को समर्पित रहेगा। मैथिली लेखक संघ की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल में 15 से ज्यादा साहित्यिक और वैचारिक सत्रों का आयोजन किया जाएगा। इसमें बिहार और देशभर से आए चर्चित साहित्यकार, शिल्पकार, चित्रकार, रंगकर्मी और उद्यमी भाग लेंगे।
फेस्टिवल के पहले दिन इसका उद्घाटन सुबह 11 बजे होगा। इसी दिन संघ की ओर से स्मारिका का भी लोकापर्ण किया जाएगा। 12.30 बजे से आशा मिश्र के उपन्यास उचाट पर विमर्श होगा। तीन बजे आदान-प्रदान नाम से अनुवाद पर विमर्श किया जाएगा।
4.10 बजे से कहानी पढ़ी जाएगी और इसपर एक विमर्श होगा। शाम छह बजे से गीत-संगीत का कार्यक्रम आयोजित होगा।
13 फरवरी को फेस्टिवल के दूसरे दिन सुबह 10 बजे से बाल साहित्य पर चर्चा की जाएगी। 11 बजे से मैथिली सोशल मीडिया पर परिचर्चा होगी। 12.30 बजे से कविता पाठ होगा। तीन बजे से महेंद्र मलंगिया के नाटक छुतहा घैल पर विमर्श होगा। इसके बाद 4.10 बजे से लोकनाट्य की प्रस्तुति की जाएगी।
14 फरवरी को कार्यक्रम हम पोथी पढ़ब में परमेश्वर कापड़िक के कथा संग्रह पर विमर्श का एक सत्र होगा। 11.10 बजे से कथा की रंग प्रस्तुति विषय पर परिचर्चा होगी।
12.30 बजे से मैथिली लघु फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। इसी दिन 2.30 बजे से कवि गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। शाम 5.30 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम और 7.10 बजे से फिल्म गोरकी का प्रदर्शन किया जाएगा।