बच्चेदानी के कैंसर से बचाव के लिए सफाई जरूरी
पटना|पारस एचएमआरआईसुपर स्पेशलिटी के अंकोलॉजिस्ट डॉ. आरएन टैगोर ने कहा कि मरीज बीमारी के लक्षण नहीं समझ पाते। इसलिए बच्चेदानी के अंडाशय (ओवरी) का कैंसर पकड़ में नहीं आता। यह कैंसर 35 से 65 साल तक की महिलाओं में होता है। आॅब्स एंड गाइनी सोसाइटी के सहयोग से आयोजित संगोष्ठी में डॉ. टैगोर ने कहा कि पेट में दर्द, बार-बार पेशाब होना, पेट के निचले हिस्से में भारीपन महसूस होना, कभी कभार उल्टी, भूख कम लगना, वजन कम होना तथा पेट खराब होना तो कभी कब्जियत होना इसके लक्षण होते हैं। डॉ. स्नेहा झा ने बच्चेदानी के मुंह के कैंसर के बारे में कहा कि कहा कि एचपीवी वायरस के कारण यह बीमारी लगती है। एक से अधिक लोगों के साथ संबंध से भी संक्रमण होता है। अंगों की साफ-सफाई सही ढंग से नहीं होने से भी बीमारी लगती है। संगोष्ठी को दीपशंकर पराशर, डॉ. शेखर कुमार केशरी, डॉ. प्रगति अग्रवाल, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. अनिता कुमारी, डॉ. सीके चौधरी, डॉ. विनिता ने भी संबोधित किया। डॉ. एए हई संगोष्ठी के चेयरपर्सन रहे।