अच्छा इंसान बनें, थोड़ा वक्त समाज की खिदमत में भी लगाएं : रफीक
पटना|पढ़-लिखकर अच्छाइंसान बनें। मुल्क की खिदमत करें। पढ़ने-लिखने का मतलब अच्छी तालीम हासिल करना है। पढ़ाई के साथ-साथ छात्र अपने मजहब के बारे में जानें। शनिवार को हज भवन में एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम डॉक्टर्स की ओर से टीचर्स एंड मैनेजमेंट ऑन क्वालिटी एजुकेशन विषय पर आयोजित कार्यशाला में ये बातें एदारा-ए-दिनयात, मुंबई के अध्यक्ष हाजी रफीक पटेल ने कहीं। इंजीनियर शमीम अहमद ने कहा कि समाज को क्वालिटी एजुकेशन की जरूरत है। डॉ. मुश्ताक अहमद ने कहा कि इंसान चाहे शिक्षक बने, किसान हो, डॉक्टर हो या व्यापार करे, लेकिन उसे इस बात का ख्याल रखना होगा कि अल्लाह ने उसे जहां रखा है, वह खिदमत करने के मकसद से रखा है। एसोसिएशन के संस्थापक सचिव डॉ. अतहर अंसारी, मुख्य संरक्षक डॉ. एए हई, डॉ. अहमद अंसारी, डॉ. हुसैन अहमद, मो. जावेद, गुफरान आदि ने भी विचार रखे।