कुछ पर्यटन स्थलों पर विदेशी शराब बेचने की हो रही तैयारी
बिहारसरकार की बहुप्रचारित उत्पाद नीति के हूबहू अंजाम पाने में पर्यटन बड़ी बाधा बनी है। दरअसल, पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों में भी विदेशी शराब की दुकानें खोलने की तैयारी है। इसके लिए गया, नालंदा, वैशाली और भागलपुर जिला को चुना गया है। इन जिलों के कई-कई पर्यटन स्थल गांवों में हैं। सरकार का नियम कहता है कि सिर्फ नगर निगम नगर परिषद क्षेत्र में ही विदेशी शराब बिकेगी।
हालांकि सरकार या विभाग नहीं मानता कि ऐसा करना, घोषित उत्पाद नीति का उल्लंघन है। यह बस तकनीकी मसला है। भौगोलिक तौर पर इन जिलों के कई पर्यटन स्थल बेशक गांवों में हैं, लेकिन इनकी महत्ता, प्रसिद्धि और दुनिया भर से आने वाले लोगों की जमात ने इसे गांव नहीं रहने दिया है। इन स्थलों पर विदेशी शराब की दुकानें खोलने का निर्णय मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में हाल में हुई बैठक में लिया गया। इसके बाद बिहार स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन (बीएसबीसीएल) ने इन क्षेत्रों में कितनी शराब की दुकानें कहां-कहां खोली जाएं, यह तय करने के लिए उत्पाद आयुक्त और इन जिलों के जिलाधिकारियों से कहा है।
उत्पाद नीति 2015 की कंडिका-1(ख) कहता है ...
विदेशीशराब की बिक्री मात्र शहरी क्षेत्रों में होगी। शहरी क्षेत्रों में भी यह नगर निगम और नगर परिषद क्षेत्र में ही उपलब्ध होगी।
(नोट:- यह व्यवस्था एक अप्रैल, 2016 से लागू होनी है।)