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मिनी पीएमसीएच बनाए जा रहे जिला अस्पताल

5 वर्ष पहले
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राज्य में जल्द खुलेंगे 76 नए आईटीआई

जिलाअस्पतालों को मिनी पीएमसीएच बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर जिला अस्पतालों के अपग्रेडेशन प्लान पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत जिला अस्पतालों में वे सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिनके लिए मरीज पीएमसीएच तक पहुंच जाते हैं। इसका मकसद एपेंडिसाइटिस, हार्निया, स्टोन आदि के ऑपरेशन की सुविधा जिला अस्पतालों में मुहैया कराना है। सुगर और ब्लडप्रेशर से बचाव के सभी जांच एवं इलाज के साधन वहां हमेशा उपलब्ध रहें। आंख, चमड़ा और दांत के कम से कम एक विशेषज्ञ 24 घंटे उपलब्ध हों। सीटी स्कैन और डायलिसिस की सुविधा मरीजों को मिले। हृदय रोगियों के लिए विशेषज्ञ ओपीडी और इकोकॉर्डियोग्राफी की व्यवस्था हो। सभी जिला अस्पतालों में कम से कम 4 बेड वाले आईसीयू और आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक (मॉडुलर) ओटी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

सीएम ने निर्देश दिया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से इन सब आधारभूत संरचनाओं के विकास की राशि की व्यवस्था की जाए। अगर इस व्यवस्था में कठिनाई हो तो स्टेट प्लान से खर्च किया जाए। स्वास्थ्य विभाग ने इसके अनुपालन के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक और विभाग के उप सचिव को जिम्मेवारी सौंपी है।

( पटना और दरभंगा में जिला अस्पताल नहीं हैं)

कहां-कितने बेड

100बेड : अरवल, शेखपुरा, शिवहर, सुपौल, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, बेगूसराय और मुंगेर

300 बेड : औरंगाबाद, अररिया, भोजपुर, जहानाबाद, कटिहार, खगड़िया , मधेपुरा, बांका, नालंदा, नवादा, पूर्णिया, रोहतास, सहरसा, बक्सर, सीवान, जमुई, कैमूर, किशनगंज और लखीसराय

500 बेड : गोपालगंज, सारण, वैशाली, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, समस्तीपुर और सीतामढ़ी

सरकारी आईटीआई में हैं ये ट्रेड

ड्राफ्टमैनमैकेनिकल, सर्वेयर, फिटर, टर्नर, मैकेनिक्स ग्राइंडर, इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रिशियन एससीवीटी, वायरमैन, ड्राफ्टमैन सिविल, इलेक्ट्रो प्लास्टर, वायरलेस ऑपरेटर, मैकेनिक इंस्ट्रुमेंट, प्रोडक्शन एंड मैनुफैक्चरिंग, मैकेनिकल डीजल, प्लम्बर, सीट मेटल, मोल्डर, मैकेनिशयन ट्रैक्टर, वेल्डर, कटिंग एंड सेविंग, स्टेनोग्राफी (अंग्रेजी), स्टेनोग्राफी (हिंदी), प्लास्टिक प्रोसेसिंग ऑपरेटर।

अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, भभुआ, बक्सर, जमुई, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, नालंदा, नवादा, रोहतास, समस्तीपुर, शेखपुरा, शिवहर, सीतामढ़ी, वैशाली और पश्चिम चंपारण

यहांखुलेंगे सामान्य आईटीआई

अररिया,दाउदनगर, मंझौल, बखरी, तेघड़ा, मोहनिया, कहलगांव, नौगछिया, जगदीशपुर, डुमरांव, बेनीपुर, बिरोल, अरेराज, रक्सौल, सिकहराना, पकरीदयाल, चकिया, शेरघाटी, गोपालगंज, मनिहारी, गोघरी, उदाकिशुनगंज, जयनगर, झंझारपुर, फूलपरास, हवेली खड़गपुर, तारापुर, पूर्वी मुजफ्फरपुर, राजगीर, रजौली, बाढ़, दानापुर, मसौढ़ी, पालीगंज, बनमनखी, धमदाहा, वैशाली, सासाराम, बिक्रमगंज, सिमरी बख्तियारपुर, दलसिंहसराय, पटोरी, रोसड़ा, छपरा, सोनपुर, पुपरी, शेखपुरा, बेलसंड, महाराजगंज, निर्मली, त्रिवेणीगंज, महनार, महुआ नरकटियागंज

^सभी अनुमंडलों में नए आईटीआई खोले जाने हैं। जिन अनुमंडलों में आईटीआई नहीं है, वहां आईटीआई खोलने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। हर जिले में कम से कम एक महिला आईटीआई खोला जाएगा। तकनीकी रूप से प्रशिक्षित कर युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य है। -विजय प्रकाश,श्रमसंसाधन मंत्री

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