गंदगी, पानी का संकट
नगर निगम के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की स्थिति खराब हो गई है। जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है। अशोक राजपथ, संपर्क पथों और गली-मोहल्लों में गंदगी फैली है। पानी की दिक्कत भी हो जा रही है। शहर के अधिकांश बोरिंग पंप अनियमित चल रहे हैं। इस कारण लोगों में गुस्सा है, जो जब-तब हंगामा-प्रदर्शन के रूप में सामने रहा है। वहीं, गंदगी के कारण शहरवासियों को बीमारी फैलने की आशंका भी है। उनका कहना है कि एक तरफ गंदगी है तो दूसरी ओर साफ पानी नहीं मिल रहा है। ऐसा ही रहा तो लोग निश्चित रूप से बीमार होने लगेंगे।
नालेका पानी सड़क पर
शहीदभगत सिंह चौक पर बीच सड़क पर गंदगी पसरी है। मदरसा गली में घुसते ही कूड़े-कचरे का ढेर मिलता है। इससे यातायात भी बाधित हो रहा है। मंगल तालाब स्लम में नाले का पानी सड़क पर बह रहा है। गंदगी से जलनिकासी का रास्ता अवरुद्ध हो रहा है। चौक के दुकानदार सतीश कुमार का कहना है कि गंदगी और बदबू से दुकान खोलना कठिन हो रहा है। जल्द सफाई नहीं हुई तो बीमारी फैल सकती है। कुछ मोहल्लों में लोगों ने चंदा कर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया है। इस संबंध में निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक केएन शुक्ला का कहना है कि सिटी अंचल से दस ट्रैक्टर निकाले गए हैं। उससे प्रमुख स्थानों से कचरे का उठाव हुआ है।
पानी के लिए हंगामा
इधर,बोरिंग पंपों के नियमित नहीं चलने से पानी की समस्या भी बनी है। पानी के लिए पिछले चार दिन से लोग हंगामा-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बाद किसी तरह बोरिंग पंप चालू किया जा रहा है। इस संबंध में जल पर्षद के कनीय अभियंता विनोदी तिवारी का कहना है कि कुछ स्थानों पर खुद जाकर पंप को चालू करना पड़ रहा है। ताकि लोगों को पानी मिल सके। वहीं, एसडीओ योगेंद्र सिंह ने कहा कि पंप के नियमित संचालन के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। जल पर्षद के कार्यपालक अभियंता से बात हुई है। हड़ताल के दौरान पंपों के साथ नुकसान पहुंचाने वाले कर्मियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।