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कारबाइन राइफल से बरसाई थीं गोलियां

5 वर्ष पहले
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भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा पर निशाना साधते हुए हमलावरों ने कारबाइन, राइफल आैर एसएलआर से गोलियां बरसाई थीं। अंधाधुंध फायरिंग के बीच बाल-बाल बचे विशेश्वर के चचेरे भाई विनय ओझा ने शनिवार को हमलावरों के खूनी आतंक की हकीकत बयां की। वारदात के वक्त विशेश्वर की सफारी गाड़ी में विनय भी बैठे थे। विनय ने बताया कि बीते शुक्रवार की दोपहर विशेश्वर ओझा पटना से ओझवलिया अपने पैतृक गांव पहुंचे थे। परिजनों परिचितों के साथ ढाई बजे दिन में विभिन्न जगहों पर आयोजित शादी अन्य समारोह में भाग लेने के लिए निकले। पहले इसरपुरा गांव में एक मित्र के यहां मुंडन समारोह में गए। फिर विशुपुर में एक लड़की की शादी में जाकर न्योता दिया। इसके बाद सोनबर्षा फील्ड में एक बारात में शामिल होकर बगल के एक अन्य शादी समारोह में नाश्ता करके निकले। एक टेम्पो के आगे जाने से विशेश्वर की सफारी की रफ्तार कम हो गई। घात लगाए हमलावर ने आगे से फायरिंग की।

4 वर्ष पहले दी थी 5 लाख की सुपारी

चारवर्ष पहले विशेश्वर ओझा की हत्या के लिए 5 लाख सुपारी दी गई थी। एक जून 2012 की सुबह आरा में हुई रणवीर सेना सुप्रीमो की हत्या मामले में जांच के लिए गठित एसआईटी के अनुसंधान में यह बात सामने आई थी। इसका दावा करते हुए विशेश्वर के बड़े भाई भुअर ओझा ने बताया कि एसआईटी रिपोर्ट से सामने आए खतरे को देखते हुए ही उन्हें पुलिस का बॉडीगार्ड मिला था।

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