मानवता के लिए डॉक्टर के दिल में दया का होना जरूरी
मानवताके लिए डॉक्टर के पास दो चीज होनी चाहिए। दयालु होना और दिल का होना जरूरी होता है। सामाजिक कार्य करने के लिए लोग मौके की तलाश करते हैं और आपको (डॉक्टर) सेवा करने का मौका मिला है। इसलिए सेवा कीजिए। यदि दिन भर रोगी की मदद की है तो शाम को शांति मिलती है। इस पेशे में लंबे समय के लिए तैयार रहना पड़ता है। मेडिकल प्रोफेशन बहुत बढ़िया है। जितना अनुभव होगा उतना ही आप परिपक्व होंगे। डॉक्टरों का जीवन भी लंबा होता है। 80-85 साल के उम्र में भी डॉक्टर स्वस्थ रहते हैं और सेवा दे रहे हैं। डॉक्टर को जल्द अमीर बनने कोशिश नहीं करनी चाहिए और नहीं आईटी और एमबीए वालों से तुलना करनी चाहिए। यह कहना है दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. एमसी मिश्रा का। वे आईजीआईएमएस में दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अनुभव होगा तभी परिपक्व होंगे। क्योंकि पहले दशक में कैसे काटना सीखते है। दूसरे दशक में कहां काटना है सीखते हैं और तीसरे दशक में कब नहीं काटना चाहिए (आपरेशन नहीं करना है) सीखते हैं। उन्होंने कहा कि जो चीज तजुर्बे से आती है वह उसी से आएगी। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे कलाम डॉक्टरों के एक कार्यक्रम में आए थे। उनसे पूछा गया कि आपको सबसे अधिक खुशी कब मिली। उन्होंने कहा कि मिसाइल बनाने में उतनी खुशी नहीं मिली जितना पोलियोग्रस्त बच्चों के लिए हल्का कैलिपर बनाने में मिला। पोलियोग्रस्त बच्चों को चार किलो वजन वाला कैलिपर के साथ डॉ. कलाम ने देखा। इसके बाद उन्हें 400 ग्राम का कैलिपर तैयार करवाया था। सोचिए आप किस तरह याद किया जाना चाहते हैं। डॉ. मिश्रा ने कहा कि हार-जीत की चिंता छोड़िए लक्ष्य की ओर बढ़िए।
मधुबन खुशबू देता..
पटनाएम्स के निदेशक डॉ. गिरीश कुमार सिंह ने कहा कि मरीज की रोज आंसू पोछिए खुशियां बटोरिए। देश ने आपको बहुत कुछ दिया है और उसको वापस करने का समय गया है। उन्होंने गीत भी सुनाया-मधुबन खुशबू देता है....सागर सावन देता है.. जीना उसका जीना है, जो औरों को जीवन देता है... डॉ. सिंह ने कहा कि सुख देंगे तो सुख मिलेगा और दुख देंगे तो दुख।
igims