संस्थान को संवारने वालों के बच्चों का संवार रहे भविष्य
वेकॉलेज के स्वीपर, माली गार्ड के बच्चे हैं। कॉलेज में उन्हें मुफ्त शिक्षा दी जा रही है। संस्थान को साफ-सुथरा और सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उनके माता-पिता निभा रहे हैं तो संस्थान ने भी उन बच्चों की जिम्मेदारी उठा ली है। वे मेधावी हैं। उड़ान भरने के लिए सिर्फ उनके सपनों को पंख की जरूरत है। चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट पटना (सीआईएमपी) उनके भविष्य को संवार रहा है। इस नेक और खूबसूरत योजना को सीआईएमपी ने नाम दिया है ब्यूटीफुल माइंड्स। इस योजना के तहत संस्थान ने अब स्लम बस्ती और अनाथालय के बच्चों को भी शिक्षित करने का बीड़ा उठाया है।
किताबी ज्ञान के साथ कंप्यूटर शिक्षा
निदेशकप्रो. वी. मुकुंददास ने बताया कि ब्यूटीफुल माइंड्स के तहत गरीब परिवार के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की हमने पहल शुरू की है। यहां छात्रों को किताब का ज्ञान तो दिया ही जाता है, साथ ही उन्हें कंप्यूटर शिक्षा से भी जोड़ रहे हैं। मकसद है कि पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें तकनीकी ज्ञान भी दिया जाए। इसमें सीआईएमपी की फैकल्टी के साथ ही यहां के स्टूडेंट्स भी मदद कर रहे हैं।
^गरीब छात्रों की मदद करनी है तो अपने संस्थान में ही काम कर रहे कर्मचारियों के बच्चों से भी शुरुआत कर सकते हैं। हमने यह कोशिश की है। हर संस्थान 15-15 बच्चों को भी गोद ले तो कोई बच्चा पढ़ाई से अछूता नहीं रहेगा। हम चाहते हैं शहर के हर संस्थान में ऐसी योजनाएं बनें और काम हो। प्रो.वी. मुकुंददास, निदेशक, सीआईएमपी।
गरीब परिवार से आनेवाले इन बच्चों के माता-पिता कॅरियर को लेकर बहुत जागरूक नहीं होते हैं। ऐसे में संस्थान इन बच्चों के लिए कॅरियर काउंसलर का भी काम कर रहा है। संस्थान इन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने और भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में कॅरियर के क्या स्कोप हैं? उनके लिए कौन-सा क्षेत्र बेहतर होगा? इन सबकी जानकारी से भी रूबरू करा रहा है। पर्सनालिटी डेवलमेंट पर भी काम हो रहा है
रोजगारपरक पाठ्यक्रमों से भी जोड़ने की योजना
पांचवींक्लास के बाद के बच्चों को रोजगारपरक पाठ्यक्रमों से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की भी योजना है। इसके तहत मोबाइल रिपेयरिंग जैसी छोटी-छोटी तकनीकी जानकारियां दी जाएंगी। कोशिश है कि वे पढ़ाई के साथ अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में भी मदद कर सकें। तकनीकी योग्यता दिलाने में सीआईएमपी के छात्र इनकी पूरी मदद करेंगे।