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िगरफ्त में आया नक्सली टाइगर

5 वर्ष पहले
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झारखंडके सिमडेगा के जंगल में पटना एसटीएफ की एसआईजी टीम ने कुख्यात नक्सली जितेंद्र उर्फ टाइगर को गिरफ्तार कर लिया। औरंगाबाद भोजपुर के सब जोनल कमांडर टाइगर के सिमडेगा में रहने की सूचना मिलने के बाद एसटीएफ ने उससे संपर्क किया और अपने को एके-47 का विक्रेता बताया। हथियार लेने के लिए टाइगर राजी हो गया। उसके बाद दो दिन पहले पटना से रवाना हुई। एसआईजी की टीम सादी वर्दी में सिमडेगा के जंगल में गई और फिर हथियार बेचने की बात कहकर उसे बुलाया। जैसे ही वह एके-47 खरीदने आया, एसटीएफ ने उसे दबोच लिया। पूछताछ के बाद उसे सिमडेगा पुलिस के हवाले कर दिया गया। उसपर औरंगाबाद के आेबरा, जम्होर तथा भोजपुर के चरपोखरी अजीमाबाद थानों में सरकारी भवनों को उड़ाने, जेसीबी मशीन को आग के हवाले करने, विस्फोटक पदार्थ रखने, लेवी मांगने समेत कई संगीन आरोप दर्ज हैं। झारखंड के सिमडेगा समेत अन्य जिलों में भी उसपर इसी तरह के प्राथमिकी दर्ज हैं। टाइगर मूल रूप से औरंगाबाद जिले के ओबरा थाना के चपुरी का रहने वाला है।

औरंगाबाद, भोजपुर में नक्सली वारदातों को करने के बाद भी स्थानीय पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। पुलिस के डर से वह झारखंड फरार हो गया और सिमडेगा में पनाह ले ली। एसटीएफ एसपी शिवदीप लांडे ने बताया कि उसे पकड़ने के लिए एसटीएफ की टीम एक माह से लगी हुई थी। वह बार-बार झारखंड में अपना ठिकाना बदल रहा था। इसी बीच उसके मोबाइल के लोकेशन से पता चला कि वह सिमडेगा में है। यह भी जानकारी मिली के वहां वह हथियार की खरीद-बिक्री करता है। उसके बाद टीम ने एके-47 बेचने का बहाने जाल में फंसाया और गिरफ्तार कर लिया।

नक्सली जितेंद्र उर्फ टाइगर।

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