पटना मेट्रो को हरी झंडी, पांच वर्षों में दौड़ेगी 31 किमी लंबे दो रूटों पर
मेट्रो का ट्रैक बिछाने के लिए बनेंगे दो मुख्य कॉरिडोर और पांच सहायक कॉरिडोर
2021तक पटना में भी मेट्रो रेल दौड़ने लगेगी। मंगलवार को राज्य कैबिनेट ने पटना की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में नया आयाम जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी दे दी। पहले चरण के लिए निर्धारित दो रूटों पर 16,960 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। पटना मेट्रो का निर्माण एसपीवी मॉडल पर होगा।
राइट्स द्वारा तैयार की गई डीपीआर को स्वीकृति के लिए जल्द ही केन्द्र सरकार, जाइका और एडीबी को भेजा जाएगा। कैबिनेट की बैठक के बाद प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने इस परियोजना को सैद्धांतिक प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। शेष|पेज11
अन्य फैसले पेज 04 पर
मेट्रो को हरी...
वहींनगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने बताया कि पहले चरण में मेट्रो रेल परियोजना की कुल लंबाई 31 किलोमीटर होगी। पहला रूट सगुना मोड़ से लेकर पटना जंक्शन तक होगा, जबकि दूसरा रूट पटना जंक्शन से बैरिया में प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस अड्डा तक होगा। दोनों रूटों पर 31 स्टेशन होंगे। इसमें 15 स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे, जबकि 16 स्टेशन जमीन पर बनेंगे। मीणा ने बताया कि पहले चरण की परियोजना 2021 तक पूरी हो जाएगी।
दूसरा रूट : जंक्शनसे बैरिया में बस अड्डा तक।
पहला रूट : सगुनामोड़ से पटना जंक्शन
2021 में पूरा होगा पहला चरण
कागज से कैबिनेट तक आने में लग गए पांच वर्ष
राजधानीमें मेट्रो की सुगबुगाहट काफी पहले शुरू हुई थी। लेकिन 2011 में सरकार ने इसपर गंभीरता से विचार शुरू किया। शहर की ट्रैफिक को व्यवस्थित करने और लगातार बढ़ रही गाड़ियों के बोझ को कम करने के लिए मेट्रो को शुरू करने की योजना पर काम शुरू हुआ। तब अनुमानित लागत 8000 करोड़ थी। -पढ़िएपेज 02 भी
एक किमी के निर्माण पर खर्च होंगे 550 करोड़
मेट्रोरेल परियोजना के निर्माण पर प्रति किलोमीटर करीब 550 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसमें स्टेशन, बिजली आपूर्ति के लिए पावर सबस्टेशन और अन्य जरूरी यात्री सुविधाओं का निर्माण शामिल है।
नार्थ साउथ कॉरिडोर : इसकॉरिडोर को तीन हिस्सों में बांटा गया है। इसमें पहला कॉरिडोर पटना जंक्शन से बैरिया में प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस अड्डा तक होगा। दूसरा कॉरिडोर मीठापुर बाइपास से दीदारगंज और तीसरा कॉरिडोर मीठापुर बाइपास से एम्स तक होगा।
इसकॉरिडोर की कुल लंबाई 14.02 किमी होगी। इसमें से 9.625 किलोमीटर एलिवेटेड होंगे, जिसपर नौ स्टेशन होंगे। भूमिगत कॉरिडोर की लंबाई 4.575 किमी होगी, जिसपर पर तीन स्टेशन होंगे।
पहलाकॉरिडोर : जंक्शन,गांधी मैदान, कारगिल चौक, पीएमसीएच, पटना विवि, राजेन्द्र नगर, एनएमसीएच, कुम्हरार, गांधी सेतु, ट्रांसपोर्ट नगर, बैरिया बस अड्डा।
दूसराकॉरिडोर:मीठापुर बाइपास-दीदारगंज।
तीसराकॉरिडोर : मीठापुरबाइपास से अनीसाबाद, फुलवारीशरीफ, पटना एम्स।
ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर : ईस्ट-वेस्टकॉरिडोर में वन का विस्तार दानापुर से मीठापुर तक होगा, जबकि वन बी का विस्तार दीघा घाट से हाईकोर्ट- विकास भवन तक होगा।
इसकॉरिडोर की कुल लंबाई 16.9 किमी होगी। 5.29 किमी एलिवेटेड होंगे, जिसपर चार स्टेशन होंगे। भूमिगत कॉरिडोर की लंबाई 11.33 किमी होगी, जिसपर पर नौ स्टेशन होंगे।
रूटवन (कॉरिडोर) : सगुनामोड़, आरपीएस मोड, आईएएस कालोनी, रूकनपुरा, जगदेव पथ, राजा बाजार, जेडी वीमेंस कालेज, राजभवन, सचिवालय, पटना हाईकोर्ट, इन्कम टैक्स गोलंबर, डाकबंगला, पटना जंक्शन और मीठापुर।
रूटवन बी (कॉरिडोर) : दीघाघाट से पटना हाईकोर्ट- विकास भवन।
हजार करोड़
16,960
अनुमानित लागत