ट्रैकिंग सिस्टम पर ट्रैक नहीं हो पा रहे गायब हुए बिहार के बच्चे
ट्रैकिंगसिस्टम पर बिहार के गायब हुए बच्चे ट्रैक नहीं हो पा रहे हैं। प्रदेश की पुलिस पिछले साल गायब हुए कुल 560 बच्चों में से महज 67 को ही खोज पाई है। बच्चों को खोजने के विशेष रूप से तैयार की गई वेबसाइट नेशनल ट्रैकिंग सिस्टम फॉर मिसिंग एंड वनरेबल चिल्ड्रेन पर मंगलवार को बिहार में एक भी बच्चे के गायब और ही मिलने का डाटा दर्ज किया गया है। पिछले एक माह के दौरान बिहार में ट्रैकिंग सिस्टम में कुल 18 बच्चों की मिसिंग रिपोर्ट दर्ज की गई, जिसमें सात को पुलिस खोज पाई है। ऐसे में यह माना जा सकता है कि या तो बिहार की पुलिस बच्चों को खोजने में सफल नहीं हो पा रही है या फिर उसका डाटा दर्ज नहीं किया जा रहा है।
मामले 2014 में मानव तस्करी के दर्ज किए गए थे।
में कुल 1585 बच्चों के अपहरण का मामला दर्ज।
बच्चे ही साल भर में खोज पाई बिहार की पुलिस।
वेबसाइट के सिस्टम में फीड डाटा के तहत मंगलवार को देशभर में 214 लोगों के गायब होने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया, जिसमें 66 बच्चे शामिल थे। इस दिन 168 बच्चों और 228 वयस्क को पुलिस ने खोज निकाला।
केन्द्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत इस लापता बच्चों व्यक्तियों को खोजने के लिए इस वेबसाइट को तैयार किया गया था। इससे देशभर को जोड़ा गया है। ट्रैक चाइल्ड प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य पुलिस स्टेशनों में दर्ज़ गुमशुदा बच्चों से बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाले खोजे पाए गए बच्चों की मैचिंग करना है। इसमें बच्चों के मिलने, खोजने और उनके बारे में अन्य जानकारी आम लोगों द्वारा भी दी जा सकती है। वैसे इसकी जानकारी भी बहुत कम प्रचारित है।
नेशनल ट्रैकिंग सिस्टम वेबसाइट पर अब तक प्रदेश में गायब होने वाले कुल 711 बच्चों और 787 गायब वयस्क व्यक्तियों का डाटा दर्ज किया गया है। इसमें से बिहार पुलिस महज 69 बच्चों 76 वयस्क व्यक्तियों को ही खोजने में सफल हो पाई है।
PATNA, wednesday, 10/02/2016