सड़कों पर जहां-तहां पसरा कचरा, जलापूर्ति व्यवस्था भी हुई बाधित
सरकार अनुदान दे नहीं तो संपत्ति नीलाम कर दिलाएंगे निगमकर्मियों को बकाया : हाईकोर्ट
बिजली मेंटेनेंस करने वाले 7500 कर्मी आज से हड़ताल पर
नगरनिगम कर्मचारी यूनियन की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। निगम के करीब चार हजार तृतीय चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। अंचल कार्यालयों के भी कर्मी हड़ताल में शामिल हैं। इसकी वजह से राजधानी के मोहल्लों में तो झाड़ू लगी और ही सड़कों से कचरे का उठाव किया गया। जलापूर्ति व्यवस्था भी बाधित रही। बोरिंग रोड, छज्जूबाग, बिस्कोमान के पास, एग्जीबिशन रोड, सीडीए बिल्डिंग के सामने, फ्रेजर रोड, राजेंद्रनगर, कंकड़बाग, अशोक नगर, रामलखन पथ, पोस्टल पार्क समेत अन्य मोहल्लों में सड़कों और कूड़ा प्वाइंट पर कचरा पसरा रहा। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि जबतक कम से कम तीन मांगों को निगम प्रशासन द्वारा पूरी नहीं कर दिया जाता है, तबतक हड़ताल जारी रहेगी। उधर, पटना नगर निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के संयोजक रामय| प्रसाद ने बताया कि जो सफाई मजदूर हड़ताल पर नहीं हैं, उन्हें प्रदर्शनकारियों द्वारा हाजिरी नहीं बनाने दिया गया। झाड़ू, बेलचा, कुदाल आदि को रूम में बंद कर दिया गया। ऐसी स्थिति में सफाई मजदूर काम नहीं कर सके। उन्होंने बताया कि संयुक्त समन्वय समिति हड़ताल पर नहीं है।
वार्ता विफल : 11 सूत्री मांगों पर नहीं बनी बात
मानवबलों ने ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, श्रम विभाग के अनुरूप मानदेय देने सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर 18 जनवरी को ही प्रस्तावित हड़ताल की सूचना बिजली कंपनी प्रबंधन को दी थी। इस हड़ताल को समाप्त कराने के लिए 4 फरवरी को नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एमडी सह होल्डिंग कंपनी के निदेशक मानव संसाधन आर लक्ष्मणन ने वार्ता की। लेकिन, वार्ता असफल रहा। इसके बाद 8 फरवरी को उप श्रमायुक्त सह समझौता पदाधिकारी अरविंद कुमार ने दोनों पक्षों को वार्ता के लिए बुलाया। यहां भी मानव बलों को श्रम विभाग के अनुरूप मानदेय देने के लिए बिजली कंपनी तैयार नहीं हुई।
यूनियन बोला-कम से कम तीन मांगें पूरी कर दो
पटनानगर निगम स्टाफ यूनियन के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा कि निगम प्रशासन में इच्छाशक्ति की कमी की वजह से कर्मी हड़ताल करने को बाध्य हैं। वार्ता के बावजूद कोई ठोस परिणाम नहीं निकाल रहा है। ऐसी स्थिति में गुरुवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। यूनियन के जेनरल सेक्रेटरी नीरज कुमार वर्मा ने कहा कि कम से कम तीन मांगों को भी निगम प्रशासन पूरा कर दे तो हमलोग हड़ताल वापस ले लेंगे। मुख्य मांगों में सफाई मजदूरों की मजदूरी 250 रुपए से बढ़ाकर 400 रुपए करना और आजीवन पारिवारिक पेंशन का लाभ देना शामिल है।