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फुलवारीशरीफ साफ बाकी अस्पताल गंदे

5 वर्ष पहले
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राजधानीके विभिन्न अस्पतालों में सफाई की बदतर स्थिति की खबर प्रकाशित होने के बाद फुलवारीशरीफ अस्पताल की सफाई व्यवस्था सुधरी गई। फर्श चकाचक हो गया है। पान के पीक से बने धब्बे पर भी चूना पोत दिया गया है। जहां जलजमाव था, वहां से पानी हटा दिया गया है। अस्पताल परिसर में कई महीनों से पड़ी कुर्सियों और दूसरी बेकार चीजों को हटा दिया गया और वहां की सफाई कर दी गई है। वार्ड के बेड शीटों को बदल दिया गया है। अस्पताल के इंचार्ज महेंद्र प्रसाद ने कर्मियों को साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने का निर्देश दिया है। इंचार्ज ने कहा कि ऐसी सफाई व्यवस्था लगातार बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि लगातार सफाई व्यवस्था की मॉनीटरिंग की जाएगी। थोड़ी भी लापरवाही होने पर कार्रवाई की जाएगी। विशेष परिस्थितियों ने सफाई करने वाली कंपनियों का पैसा भी काटा जा सकता है।

दूसरी तरफ मुख्य शहर के गर्दनीबाग और न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल की स्थिति अब तक वैसी ही बनी हुई है। गर्दनीबाग अस्पताल के पार्क की अब तक सफाई नहीं की गई है। इसमें अब भी झाड़ियां उगी हुई हैं। ऐसा ही हाल न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल की भी है। खबर छपने के बाद मुख्य भवन के पीछे के हिस्सों में झाड़ू लगाई गई थी, लेकिन इससे ज्यादा कुछ फर्क नहीं पड़ा। मेडिकल कचरा अब भी खुले में ही पड़ा हुआ है। झाड़ियों आदि को हटाने का भी काम नहीं हुआ।

8 फरवरी 2016

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