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आरक्षित सीटों के रोटेशन पर 24 तक जवाब-तलब

5 वर्ष पहले
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पंचायत चुनाव

पटनाहाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में आरक्षित सीटों को रोटेशन पद्धति से बदलने से संबंधित चुनौती देने वाली रिट याचिका पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार एवं बिहार राज्य निर्वाचन आयोग से 24 फरवरी तक जवाब देने को कहा है। न्यायमूर्ति ज्योति शरण की एकलपीठ ने बक्सर जिले में पंचायती सीटों का रोटेशन बदलने के खिलाफ ब्रजकिशोर उपाध्याय की रिट याचिका की सुनवाई में यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता की तरफ से आरोप लगाया गया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए आरक्षित पंचायत सीटों का आवंटन पंचायत निर्वाचन नियमावली के प्रावधानों के खिलाफ है। ऐसी पंचायतों में सीटें आरक्षित हो रही हैं, जहां अनुसूचित जाति- जनजाति की जनसंख्या सामान्य पिछड़े वर्गों के अनुपात में बहुत कम है। हाईकोर्ट ने 24 फरवरी तक जवाब देने का निर्देश दिया है

न्यायिकदंडाधिकारियों को भी एडीजे परीक्षा में बैठने का मौका क्यों मिले

निचलीअदालतों के जिला जजों की नियुक्ति करने वाली डिस्ट्रिक्ट जज इंट्री लेवल सिलेक्शन रूल्स की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश इकबाल अहमद अंसारी एवं न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की खंडपीठ ने मामले का संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार के साथ हाईकोर्ट प्रशासन को भी नोटिस जारी कर 16 मार्च तक पक्ष रखने के लिए कहा है। शरत चंद्र कुमार की रिट याचिका पर बहस करते हुए याचिकाकर्ता के वकील चक्रपाणि ने कहा कि निचली अदालत में सेवारत न्यायिक दंडाधिकारी एवं सिविल जज; जूनियर डिवीजन को भी एडीजे परीक्षाओं में बैठने की आहर्ता में 7 वर्षों की प्रैक्टिस की गणना करने में उनके न्यायिक सेवाकाल को भी विचार करना चाहिए। ठीक उसी तरह जैसे संविधान के अनुच्छेद 217 में प्रावधान है।

प्रेम कुमार एवं मेवालाल के खिलाफ चुनावी याचिकाएं हुईं एडमिट

बिहारविधानसभा में विपक्ष के नेता एवं गया शहर से भाजपा विधायक प्रेम कुमार के निर्वाचन को चुनौती देने वाली अनुज कुमार सिन्हा की याचिका पर न्यायमूर्ति केके मंडल की एकलपीठ एवं निर्वाचन ट्रिब्यूनल ने चुनावी याचिका को एडमिट कर प्रेम कुमार को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस निकालने का आदेश दिया। वहीं, तारापुर से जदयू विधायक मेवा लाल चौधरी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली शिवशेना प्रत्याशी गोपाल कृष्ण वर्मा की याचिका को भी एडमिट कर मेवा लाल को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस ज़ारी करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान गोपाल वर्मा के वकील ने कोर्ट को बताया कि मेवा लाल ने नामांकन करते वक्त उनकी प|ी, जो पूर्व विधायक थी, उनकी शपथ पत्र का ही इस्तेमाल कर लिया था। जानबूझ कर खुद की संपत्ति छिपाई। दोनों विधायकों को 31 मार्च तक अपना पक्ष रखना है



पुलिस ने दायर की चार्जशीट दंडाधिकारी ने लोक अदालत भेज मामला रफा-दफा किया !

हाईकोर्टमें एक रोचक मामला सामने आया। अापराधिक मामले में पुलिस द्वारा चार्जशीट दायर करने के बाद न्यायिक दंडाधिकारी ने मामले की सच्चाई-झूठ का संज्ञान लिए बगैर ही लोक अदालत को रेफर कर दिया। वहां मामले में समझौता हो गया। अापराधिक मामले का इस तरह से निपटारा कर दिए जाने को गंभीर मानते हुए पटना हाईकोर्ट ने संबंधित महिला न्यायिक दंडाधिकारी एवं ज़िले के सत्र न्यायाधीश से जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति अजय कुमार त्रिपाठी ने जय नारायण झा की एक रिट याचिका की सुनवाई के क्रम में उक्त आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता प्रमोशन के लिए कोर्ट आया था, वहीं सरकार ने प्रमोशन नहीं होने की वजह लंबित पुलिस केस होना बताया था। कोर्ट ने उक्त पुलिस केस की अद्यतन जानकारी जब मंगवाई तब लोक अदालत में उस मामले के निबटारे की रिपोर्ट निचली अदालत से मिली।

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