मेडिकल रिपोर्ट में नाबालिग से दुष्कर्म की पुष्टि
राजबल्लभ पर राजद ने की कार्रवाई, पुलिस ने पाॅक्सो की धारा भी लगाई
रेप में फंसे विधायक सस्पेंड
अपराध कर कोई बच नहीं सकता
क्राइम रिपोर्टर | पटना/नवादा
15साल की नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोपी नवादा के राजद के विधायक राजबल्लभ यादव की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। एक ओर जहां उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया है वहीं पुलिस ने उनके खिलाफ केस में पाॅक्सो की धाराओं को भी जोड़ दिया है। सेंट्रल रेंज के डीआईजी शालीन ने कहा है कि विधायक के खिलाफ सभी साक्ष्य मौजूद हैं। केस पूरी तरह सही है।
विधायक के अलावा पीड़िता को ले जाने वाली महिला सुलेखा देवी की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस छापेमारी कर रही है। रविवार को जांच के लिए नवादा पहुंची एफएसएल की टीम को विधायक राजबल्लभ के समर्थकों ने लौटा दिया। शेष|पेज9
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रेपमें फंसे...
उनकातर्क था कि बगैर सर्च वारंट के विधायक के आवास की छापेमारी गलत है। पिछले तीन दिनों से विधायक के सभी मोबाइल बंद हैं जिससे उनका लोकेशन नहीं मिल पा रहा है। सुलेखा भी फरार है। हालांकि नालंदा पुलिस उसके पति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
इधर पुलिस ने रविवार को पटना में भी अनीसाबाद के पुलिस कॉलोनी स्थित विधायक के आवास पर छापेमारी की लेकिन वे नहीं मिले। वहां से एक फॉर्च्यूनर गाड़ी जब्त करने की अपुष्ट सूचना है। सूचना मिली थी कि विधायक पटना में हैं पर उनको भनक लग गई और वे निकल गए।
तीन दिन से विधायक के फोन बंद, नहीं मिल रहा लोकेशन
नवादा | नाबालिगसे दुष्कर्म मामले में मेडिकल रिपोर्ट गई है। रिपोर्ट में पीड़िता की उम्र 16 से 17 के बीच मानी गई है। नाबालिग के शरीर के बाहरी हिस्से में कोई इंज्युरी नहीं है। हालांकि बिहारशरीफ के एसडीपीओ सैफुर्ररहमान ने कहा कि पीड़िता से दुष्कर्म की पुष्टि हो गई है।
राजद से छह साल के लिए हो सकते हैं निष्कासित भी
पटना | विधायकपर लगे आरोप को प्रदेश राजद ने गंभीरता से लिया है। उन्हें निलंबित करते हुए नोटिस भेजा गया है। वे पार्टी से 6 वर्ष के लिए निष्कासित भी हो सकते हैं। वैसे पार्टी संविधान के तहत स्पष्टीकरण के बाद ही निष्कासन होगा। प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. रामचन्द्र पूर्वे ने निलंबन अवधि पर बताया कि पार्टी और बड़ी कार्रवाई कर सकती है। शीर्ष नेतृत्व को बता दिया गया है। वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दिकी ने भी बताया कि पार्टी ने कड़ी कार्रवाई का मन बनाया है।
पॉक्सो में उम्रकैद तक की है सजा
पॉक्सोयानी प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्राॅम सेक्सुअल आॅफेंस अधिनियम 2012 में पास किया गया है। इसके तहत 18 साल की उम्र से नीचे की लड़कियों को दुष्कर्म से बचाना है। इसके तहत कम से कम सात साल की सजा या फिर उम्रकैद भी हो सकती है।