दुष्कर्म में फंसे एमएलए के समर्थकों ने कहा-पहले सर्च वारंट लेकर आओ
सिटी रिपोर्टर| बिहारशरीफ/नवादा
रेपके आरोपी नवादा विधायक राजबल्लभ प्रसाद के घर रविवार को तलाशी करने पहुंची पटना फोरेंसिक टीम को निराशा हाथ लगी है। राजबल्लभ समर्थकों के विरोध के कारण टीम बैरंग लौट गई। राजबल्लभ समर्थकों का तर्क था कि बगैर सर्च वारंट के विधायक के आवास की छापेमारी गलत है। राजद के प्रदेश महासचिव अनिल मेहता ने कहा कि विधायक के घर के सर्च का तो कोर्ट और ही जिलाधिकारी का कोई आदेश है। प्राथमिकी में घटनास्थल नालंदा जिले के गिरियक को बताया गया है। फिर भी नवादा में छापेमारी की जा रही है। थानाध्यक्ष मृदुला कुमारी ने कहा कि घटनास्थल के मुआयना के लिए सर्च वारंट की आवश्यकता नहीं थी।
नया नहीं विवादों से राजबल्लभ का वास्ता, 22 साल पहले भी..
रेपको लेकर राजबल्लभ प्रसाद का नाम दूसरी दफा सुर्खियों में आया है। पहली घटना 22 साल पुरानी है। हालांकि तब भी एक दलाल की भूमिका जाहिर हुई थी। पांच लोगों पर सवाल उठे थे। तब राजबल्लभ के भाई कृष्णा प्रसाद विधायक थे। राजबल्लभ ठेकेदारी करते थे। तब भी बहुत हंगामा हुआ था। विरोधियों का तर्क है कि पीड़ित परिवार की आर्थिक लाचारी का फायदा लेकर मामले को थाने में ही रफा-दफा कर दिया गया था। लड़की के पिता मजदूरी करते थे। पीड़ित लड़की के एक रिश्तेदार बताते हैं कि शादी का खर्च अदा करने के बाद मामले को रफा दफा कर दिया गया था। तब गया जिले के नीमचक बथानी की एक लड़की को एक पड़ोसी व्यक्ति नवादा ले आया था। पड़ोसी यह कहकर लाया था कि लड़की को देखने के लिए लड़के वाले शहर में बुलाए हैं। लड़की के परिवारवाले अक्सर अपने सगे संबंधियों से शादी के लिए चर्चा किया करते थे। विश्वास का फायदा उठाकर लड़की को नवादा के एक होटल में पहुंचा दिया था।