सांस्कृतिक महोत्सवों में बही सुर-सरिता
बक्सरकिला मैदान में दो दिवसीय विश्वामित्र महोत्सव का शुभारंभ बनारस से आए पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इसके साथ ही बक्सर की प्राचीन पृष्ठभूमि से जुड़ी विश्वामित्र बक्सर से जुड़े रामायण के चरित्रों की जीवंत प्रस्तुति कलाकारों द्वारा की गई। प्रोजेक्टर के माध्यम से तैयार किए गए एनिमेशन के जरिए बक्सर की महत्ता के अलावे बिहार की महता को बताया गया।
इससे पहले सांसद अश्विनी कुमार चौबे ने रविवार को बक्सर किला मैदान में कला संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय विश्वामित्र महोत्सव का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि जब मैं सरकार में था तो उस वक्त हमने ही इस महोत्सव को कराने का प्रस्ताव रखा था। इनके नाम पर बक्सर स्टेशन पर प्रतीक चिह्न लगाने के लिए रेलवे जीएम से बात हो गई है। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में सदर विधायक संजय कुमार तिवारी के अलावा भरत शर्मा व्यास, डीएम रमण कुमार, डीडीसी मो. मोबिन अली, एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा, डीसीएलआर राजेश कुमार, डीपीआरओ अनुपमा सिंह थीं।
विश्वामित्र महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गई। बिहार की संस्कृति समृद्धि के बारे में कलाकारों ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने अपना बिहार जय जय बिहार गीत की प्रस्तुति की जो आकर्षण का केंद्र रहा।
औरंगाबाद| दीपालीसहाय ने अपनी प्रस्तुति तोरा मन दर्पण कहलाये से शुरूआत की। मूल रूप से पटना की रहने वाली दीपाली यहीं नहीं रूकी। एक के बाद एक कई मशहूर गाने पेश किए। देव सूर्य महोत्सव के उदघाटन के बाद गायक सुनील मिश्रा के भजन से सुरमई शाम की शुरूआत हुई। आनंद, आनंद, आनंद आयो भजन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके बाद उन्होंने अन्य कई भजन गाये। इंडियन आइडल जूनियर के प्रतिभागी शुभांकर सरकार भी आकर्षक का केंद्र रहे। शुभांकर ने तेरी मेरी खामोशियां, गुलाबी आंखें जो तेरी देखी जैसे हिन्दी गाने को बखूबी गाया। महोत्सव में स्थानीय कलाकारों ने भी प्रस्तुति दी।
महोत्सव में प्रस्तुति देती दीपाली सहाय।