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पेज एक के शेष

5 वर्ष पहले
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उनका तर्क था कि बगैर सर्च वारंट के विधायक के आवास की छापेमारी गलत है। पिछले तीन दिनों से विधायक के सभी मोबाइल बंद हैं जिससे उनका लोकेशन नहीं मिल पा रहा है। सुलेखा भी फरार है। हालांकि नालंदा पुलिस उसके पति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इधर पुलिस ने रविवार को पटना में भी अनीसाबाद के पुलिस कॉलोनी स्थित विधायक के आवास पर छापेमारी की लेकिन वे नहीं मिले। वहां से एक फॉर्च्यूनर गाड़ी जब्त करने की अपुष्ट सूचना है। सूचना मिली थी कि विधायक पटना में हैं पर उनको भनक लग गई और वे निकल गए।

मूर्तिविसर्जन के...

पुलिसने 11 राउंड हवाई फायरिंग कर भीड़ को भगाया। घटनास्थल पर तनाव के बाद एक कंपनी बीएमपी के जवानों को तैनात किया गया है। घटना का कारण पोखरा में मूर्ति का विसर्जन नहीं होने देना बताया जा रहा है। एसएसपी ने बताया कि उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घायल दारोगा के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। रविवार दोपहर करीब 2.30 बजे मूर्ति विसर्जन के दौरान दो पक्षों में मारपीट होने लगी। विसर्जन को आए लोगों पर जब दूसरे पक्ष के लोग भारी पड़ने लगे तो मामले को शांत कर रहे पुलिस वालों पर ही कुछ लोगों ने हमला बोल दिया। विसर्जन में शामिल लोगों पर पथराव भी किया गया। बिरौल एसडीओ मो. शफीक, एसडीपीओ सुरेश कुमार, इंस्पेक्टर इंचार्ज जितेंद्र सिंह, सीओ आदि वहां पहुंचे। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर जिला मुख्यालय से डीएम बाला मुरुगन डी, एसएसपी अजीत कुमार सत्यार्थी भी पहुंचे। भारी-सुरक्षा व्यवस्था के बीच ड्रैगन लाइट की रोशनी में मूर्ति को विसर्जित किया गया। बेनीपुर एसडीपीओ अंजनी कुमार के अलावा मधुबनी से फोर्स बुलानी पड़ी। एसएसपी अजीत कुमार सत्यार्थी ने बताया कि दो मूर्तियों के विसर्जन के बाद तीसरी मूर्ति को विसर्जन करने के बीच घटना घटी। हालांकि लोगों की पहल से विसर्जन कार्य संपन्न कर लिया गया।दरभंगा एसएसपी अजीत कुमार सत्यार्थ ने बताया कि आत्म रक्षा में पुलिस की ओर से 11 राउंड फायरिंग की गई है। दो इंस्पेक्टर सहित 8 पुलिस अधिकारी और एक कंपनी बीएमपी के जवानों को कैंप करने के साथ-साथ दोषियों को गिरफ्तार करने में लगाया गया है। घटना को अंजाम देने वालों की पहचान कर नामजद करने की प्रक्रिया चल रही है।

तवेके चलते...

इसकीटेक्नोलॉजी का अभी तक विकास नहीं हुआ है। दूसरी तरफ डोसा बनाने वाले का वेतन बढ़ता जा रहा है। इससे लागत बढ़ रही है।’ राजन ने फिर इसे अर्थव्यवस्था से जोड़कर समझाया। बोले- ‘फैक्टरी या बैंक में उत्पादकता बढ़ी है। वर्कर ज्यादा प्रोडक्ट बनाने लगा है। क्लर्क ज्यादा ग्राहकों को सेवाएं दे रहा है। यह टेक्नोलॉजी के कारण हुआ। इकोनॉमी में दो तरह के सेक्टर हैं। एक, जिसमें टेक्नोलॉजी का विकास हो रहा है और दूसरा, जहां पुरानी टेक्नोलॉजी से काम हो रहा है। ऐसे में पुरानी टेक्नोलॉजी वाले सेक्टर में चीजों के दाम तेजी से बढ़ेंगे।’ राजन ने 29 जनवरी को भी ‘डोसा इकोनॉमिक्स’ के जरिए महंगाई को समझाया था। दिल्ली में उन्होंने कहा था- पेंशनभोगी की आय सीमित होती है। बैंक से ब्याज के रूप में। अगर महंगाई बढ़ती है तो वह कम डोसा खरीद सकेगा। अगर महंगाई दर कम हुई तो वह ज्यादा डोसा खरीदने में सक्षम होगा।

रेप में फंसे...

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