बदलते परिवेश में चुनौती है कविता

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पटनापटना विश्वविद्यालय शताब्दी समारोह वर्ष के अवसर पर शनिवार को बीएन कॉलेज के सेमिनार हॉल में अंतर महाविद्यालय स्वरचित काव्य-पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्घाटन पटना विश्वविद्यालय की प्रति कुलपति प्रो.डाली सिन्हा ने किया। प्रो.बलराम तिवारी ने बदलते परिवेश में कविता लिखने की चुनौती पर अपनी राय रखी। प्रो.शैलेश्वर सती ने भाषा में सुधार को आवश्यक बताया।

प्राचार्य डॉ. राजकिशेार प्रसाद ने कहा कि मनुष्य के मष्तिक से निकला हर वाक्य अविष्कार होता है। कविता मानव के ह्रदय से निकलती है। इस मौके पर निर्णायक मंडली में ऋषिकेश सुलभ, डॉ.शंपा घोषाल, डॉ.प्रियंका त्रिपाठी मौजूद थीं। डॉ. शेफाली राय, डॉ. दिप्ती कुमारी, डॉ. एसबी राय, डॉ. लालेश्वर प्रसाद यादव, डॉ. अभय प्रकाश, डॉ. डीएन सिन्हा, डॉ. एसडी मिश्रा, डॉ. मंसूद आलम, सहित कई अन्य शिक्षक मौजूद थे। मंच संचालन डॉ. मुरारी शरण मांगलिक एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कनक वर्मा ने किया। हिंदी कविता में प्रथम स्थान रश्मि प्रिया, द्वितिय स्थान स्निग्धा सुप्रिया, तृतीय स्थान सना आसिफ, सांत्वना पुरस्कार आभा रानी को दिया गया। वहीं अंग्रेजी में प्रथम स्थान संस्कृति, द्वितिय स्थान- सना आसिफ, तृतीय स्थान स्निग्धा सुप्रिया एवं सांत्वना पुरस्कार उत्कर्षा श्रीवास्तव को मिला।

खबरें और भी हैं...