पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कॉकलियर इंप्लांट की सुविधा सितंबर से

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
डॉक्टरों के मोबाइल पर होगी मरीजों की रिपोर्ट

आईजीआईएमएसमें मरीजों की जांच रिपोर्ट इलाज करने वाले डाॅक्टरों के मोबाइल पर उपलब्ध होगी। चिकित्सक को सिर्फ अपना पासवर्ड और मरीज का रजिस्ट्रेशन नंबर डालना होगा। इसके बाद वे मरीज की जांच रिपोर्ट देख सकेंगे। इसके बाद वे मरीज, परिजन या फिर सिस्टर इंचार्ज को सलाह दे सकते हैं। इससे मरीज को डॉक्टर की तलाश नहीं करनी पड़ेगी और उनका इलाज भी तुरंत संभव हो सकेगा। मरीज को रिपोर्ट का पुलिंदा लेकर चलने से भी निजात मिलेगी। अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल के मुताबिक भर्ती मरीजों को इससे काफी सुविधा होगी। रात में किसी तरह की जांच रिपोर्ट आने पर चिकित्सक उसे ऑनलाइन अपने मोबाइल पर देख सकते हैं और तुरंत सलाह दे सकते हैं। अधीक्षक की मानें तो मुख्यमंत्री के सात निश्चय के तहत संस्थान में वाई-फाई की सुविधा बहाल हो रही है। इसके बाद यह सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी। उम्मीद की जा रही है कि अक्टूबर के पहले यह सुविधा मरीजों को मिलने लगे।

अभी दिल्ली एम्स के डॉक्टर करेंगे इंप्लांट

कहाजा सकता है कि कॉकलियर इंप्लांट सुविधा मुफ्त में मिलेगी। कॉकलियर इंप्लांट उनका किया जाता है, जो बच्चे गूंगे-बहरे होते हैं। इसके बाद बच्चे बोलने और सुनने लगते हैं। हालांकि इंप्लांट के बाद बोलने की प्रैक्टिस करवानी पड़ती है। शुरुआत में कॉकलियर इंप्लांट दिल्ली एम्स के विशेषज्ञ करेंगे। उसके बाद यहां के विशेषज्ञ करेंगे।

ओटी शुल्क देना होगा मरीजों को

अधीक्षकडॉ. मंडल के मुताबिक- राज्य में पहली बार किसी सरकारी अस्पताल में कॉकलियर इंप्लांट की सुविधा शुरू हो रही है। एक इंप्लांट पर करीब चार लाख 65 हजार रुपए खर्च होंगे। मरीज को सिर्फ ओटी शुल्क देना होगा। इंप्लांट का खर्च सरकार देगी।

खबरें और भी हैं...