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भ्रष्टाचार अपराध पर जीरो टॉलरेंस पर जदयू कायम

4 वर्ष पहले
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जदयूने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए राजद पर निशाना साधा है। शुक्रवार को प्रदेश जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि भ्रष्‍टाचार अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की जो लाइन हमने खींची है, उससे पीछे नहीं हट सकते। जिन पर आरोप लगे हैं, उनको जनता के सामने आकर पूरे तथ्यों के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। राजद को भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करनी ही होगी। रहा सवाल महागठबंधन का तो इसे चलाने की जिम्मेदारी इसमें शामिल तीनों दलों की संयुक्त रूप से है, अकेले जदयू की नहीं।

उन्होंने कहा- बिहार की जनता और पूरा देश इस बात को जानता है कि अपराध और भ्रष्टाचार के मामले में हमारी परम्परा क्या रही है? पार्टी की परंपरा सिद्धांत से कोई समझौता नहीं होगा। राजनीतिक कुर्बानियों की बुनियाद पर राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने का जदयू का रिकॉर्ड रहा है। हमारी पार्टी पॉलिटिक्स विद डिफरेन्स के लिए जानी जाती है। हमने भ्रष्टाचार का मामला उठाया है। राजद को जवाब तो देना ही पड़ेगा। वहीं जदयू प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक ने कहा कि भ्रष्टाचार पर समझौता कर वर्ष 2019 में विपक्षी एकजुटता की बात करना बेमानी है। कांग्रेस के विधायक ने भी पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर चिंता जताई है। राजनीति और शासन में पारदर्शिता के बिना भ्रष्टाचार पर काबू पाना मुश्किल है।

फूटडालना चाहते हैं शिवानंद : संजयसिंह ने कहा कि शिवानंद तिवारी जैसे कुछ नेता महागठबंधन में फूट डालना चाहते हैं। वे तो राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के हितैषी हैं और ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के। राजद अध्यक्ष आजकल अपनी दिनचर्या की शुरुआत शिवानंद के साथ करते हैं, जबकि उन्हीं के कारण लालू को यह दिन देखना पड़ रहा है।

सिद्दीकी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं

संजयसिंह ने वित्तमंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी पर पलटवार करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को कुर्बानी पर सिद्दीकी के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। सिद्दीकी तो राजद में बेचारे बनकर रह गए हैं। कभी दूसरे नंबर के नेता कहे जाते थे, आजकल पांचवें पायदान पर पहुंच गए हैं। उनके बयान में उनकी पीड़ा और टीस निकल कर सामने आई है। हमारी पार्टी कुर्बानी देना जानती है। विधानसभा चुनाव में जदयू 141 सीटों पर चुनाव लड़ती थी। महागठबंधन बनाने के लिए हमने 101 सीट पर चुनाव लड़ना स्वीकार कर लिया। क्या यह कुर्बानी नहीं है? सिद्दीकी जान-बूझकर नीतीश कुमार की कुर्बानियों की अनदेखी कर रहे हैं। सिद्दीकी बताएं कि वे किसको अगरबत्ती दिखा रहे हैं।

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