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आस्था } श्रीमद‌्भागवत कथा सुनाते हुए कथावाचक आचार्य डाॅ. चंद्रभूषण मिश्र ने कहा

4 वर्ष पहले
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कर्मही धर्म है। मनुष्य का जीवन एक आदर्श जीवन है। इसकी पूरी शिक्षा भागवत में है। मनुष्य सचेत रहते हुए भी जीवन में गलती करता है। भगवान श्री कृष्ण कहते हैं गलती हो जाए दोष इसमें नहीं है, बल्कि जानबूझ कर गलती बाधक है।

कचौड़ी गली स्थित गहोई वैश्य धर्मशाला में सोनी परिवार की ओर से चल रह श्रीमद् भागवत कथा में उक्त बातें कथावाचक आचार्य डाॅ. चंद्रभूषण मिश्र ने कही। उन्होंने कहा कि हर वक्त मनुष्य को श्रीकृष्ण चिंतन करना चाहिए। भागवत के अंत में दो बातें कही गई हैं-पहला संकीर्तन दूसरा प्रणाम करना। प्रणाम वैसे ही लोगों को करे जिनको प्रणाम करने पर बाद में पछतावा नहीं हो। भगवान श्रीकृष्ण के नाम सुमिरन मात्र से जीवन की हर एक बाधा दूर होती है। आचार्य जी ने कर्म धर्म पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। कथा में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंगलवार को कथा संपन्न हो गई।

श्रीकृष्ण नाम जपें, दूर हाेंगी बाधाएं

शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल बैठने की व्यवस्था

पटनासिटी| लायंसक्लब ऑफ पटना फेमिना की ओर से मंगलवार को अगमकुआं स्थित शीतला माता मंदिर में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के पीने के लिए पानी की व्यवस्था एवं बैठने के लिए शेड की व्यवस्था की गई है। उद्घाटन वीके लूथरा ने किया। उन्होंने कहा कि इससे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिलेगा। वक्ताओं ने कहा कि पानी के लिए टंकी से जुड़े आधा दर्जन से अधिक नल लगे हैं। वहीं बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था की गई है। यहां राज्य के बाहर राज्य के कोने-कोने से श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी हो इसको देखते हुए इसकी व्यवस्था की गई है। इस मौके पर अध्यक्षा बबीता सिन्हा, नीता मिश्रा, झूमा बनर्जी, चंद्रावती, शोभा, मीना ममता राज समेत कई लोग शामिल रहे। इस मौके पर मंदिर के पुजारी समेत कई लोग उपस्थित रहे।

महर्षि मेहीं आश्रम में शिव संहिता ग्रंथ वाणी पर प्रवचन 25 को

पटना|कंकड़बाग केअशोक नगर स्थित महर्षि मेहीं आश्रम में 25 जून को शिव संहिता ग्रंथ वाणी पर प्रवचन होगा। प्रवचन का कार्यक्रम दिन में 3 बजे से शाम 7.30 बजे तक चलेगा। आश्रम में प्रचार मंत्री मनोज कुमार चौरसिया ने बताया कि भगवान शिव योग के प्रवर्तक माने जाते हैं। भगवान शिव ने कहा है, मूलाधार चक्र, स्वाधिष्ठान चक्र, अनाहत चक्र और विशुद्ध चक्र में ध्यान का समस्त फल केवल आज्ञा चक्र के ध्यान से ही प्राप्त हो जाता है। भगवान शिव का ज्ञान वैदिक ग्रंथों में भरा पड़ा है। शिव घट-घट में व्याप्त हैं। बाहरी पूजन से ज्यादा मानसिक पूजन का महत्व है।

अगमकुआं स्थित शीतला माता मंदिर में लायंस क्लब ऑफ पटना फेमिना ने श्रद्धालुओं के लिए पानी की व्यवस्था की।

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