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ब्लडप्रेशर से डरें नहीं, नियमित जांच जरूरी

6 वर्ष पहले
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घर पर मशीन रखने से पहले डॉक्टर से पूछें

{घरपर ब्लड प्रेशर जांच करने की मशीन विशेषज्ञ से पूछ कर ही रखें। सबसे जरूरी यह है कि ब्लडप्रेशर की जांच विशेषज्ञ से ही कराएं। अगर आप घर पर मशीन रखना चाहते हैं, तो अपने डॉक्टर से पूछ लें। मशीन रखने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आप ब्लड प्रेशर ठीक से जांच सकते हैं। गलज जांच आपके लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

90 फीसदी

ब्लड प्रेशर के मामलों में कोई शारीरिक कारण नहीं होता है।

लोगों को पता नहीं होता कि उन्हें ब्ल्ड प्रेशर की समस्या है।

50 फीसदी

क्यों ज्यादा होता है ब्लड प्रेशर

{चिंता, क्रोध,ईर्ष्या, भय आदि मानसिक विकार। अनियमित खानपान। कई बार आवश्यकता से अधिक खाना। मैदा से बने खाद्य पदार्थ, चीनी, मसाले, तेल, घी, अचार, मिठाइयां, मांस, चाय, सिगरेट शराब आदि का सेवन। खाने में रेशे, कच्चे फल और सलाद होना। शारीरिक श्रम करना। पेट और पेशाब संबंधी पुरानी बीमारी। इन सब की वजह से होता है हाई ब्लड प्रेशर।

{संवेदनशीललोगोंमें चिंता के डर से हृदय की गति बढ़ जाती है, जिससे कि आगे जाकर ब्लड प्रेशर की समस्या जाती है। जरूरत से ज्यादा तनाव भी हाई ब्ल्ड प्रेशर का कारण है।

{जूस पिएं,संतुलित आहार लें - अपनाभोजन पूरी तरह संतुलित रखें। रोजाना ताजे फल खाएं। जूस पिएं। लो ब्लड प्रेशर के मरीज नियमित रूप से दूध का सेवन जरूर करें फायदा होगा।

{कोलेस्ट्राल नियंत्रितरखें - ऐसाभोजन करें जिससे आपका कोलेस्ट्राल अधिक हो जाए। कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने से रक्तचाप का स्तर भी बढ़ जाता है। अधिक कोलेस्ट्रॉल से हृदय रोग भी हो जाता है।

{नशे सेदूर रहें - किसीभी तरह का नशा बीमारियों को आमंत्रण देता है। नशे से दूर रहें। वर्ना ब्लड प्रेशर की समस्या के साथ साथ आपको और भी समस्या हो सकती है। जैसे- हृदय रोग, कैंसर आिद।

{नमक कासेवन कम करें - खानेमे नमक का सेवन कम करेंगे तो आपकी सेहत ठीक रहेगी। अधिक नमक खाने से बीपी की समस्या हो सकती है। बीपी की समस्या नहीं है तब भी नमक का सेवन कम ही करें।

{30 मिनटका व्यायाम जरूरी- नियमितव्यायाम सेहत के लिए बहुत जरूरी है। रोजाना व्यायाम करने से बीपी की समस्या के साथ हृदय रोग की समस्या नहीं होगी। मधुमेह को भी नियंत्रण में रखा जा सकता है।

{मोटापे सेबचकर रहें - अगरआप बीमारियांे से दूर रहना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने वजन को नियंत्रण में रखें। अधिक वजन ब्लड प्रेशर की समस्या के साथ-साथ आैर भी बीमारियों का कारण है।

क्यों कम होता है ब्लड प्रेशर

{दिल कीबीमारी- ब्लडप्रेशर कम होना दिल की गंभीर बीमारी से जुड़ा होता है, दिल की बीमारी से हार्ट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे हार्ट पर्याप्त खून को पम्प नहीं कर पाता और हमारा बीपी लो रहने लगता है। दिल के मरीजों और एनीमिया के शिकार लो बीपी को लेकर सावधान रहें।

{इसकेअलावाशरीर के अंदरूनी अंगों से खून बह जाने या खून की कमी से, खाने में पौष्टिकता की कमी या अनियमितता से, लंग या फेफड़ों के अटैक से, हार्ट का वॉल्व खराब हो जाने से लो बीपी हो सकता हैं। सदमा लगने, कोई भयावह दृश्य देखने या खबर सुनने से भी लो बीपी हो सकता है।

क्या होता है रक्तचाप

रक्तचापया ब्लड प्रेशर रक्तवाहिनियों में बहते रक्त द्वारा वाहिनियों की दीवारों पर डाले गए दबाव को कहते हैं। किसी भी व्यक्ति का रक्तचाप सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप के रूप में जाना जाता है। जैसे 120/80 सिस्टोलिक अर्थात ऊपर की संख्या धमनियों में दाब को दर्शाती है। इसमें हृदय की मांसपेशियां संकुचित होकर धमनियों में रक्त को पंप करती है। एक स्वस्थ व्यक्ति का सिस्टोलिक रक्तचाप 90 और 120 मिलीमीटर के बीच होता है। सामान्य डायस्टोलिक रक्तचाप 60 से 80 मिमी के बीच होता है।

निम्नरक्तचाप

निम्नरक्तचाप वह दाब है जिससे धमनियों और नसों में रक्त का प्रवाह कम होने के लक्षण या संकेत दिखाई देते हैं। जब रक्त का प्रवाह काफी कम होता है तो मस्तिष्क, हृदय तथा गुर्दे जैसी महत्वपूर्ण इंद्रियों में ऑक्सीजन और पौष्टिक पदार्थ नहीं पहुँच पाते। इससे यह अंग सामान्य कामकाज नहीं कर पाते और स्थाई रूप से क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ जाती है।

उच्च रक्तचाप के विपरीत निम्न रक्तचाप की पहचान लक्षण और संकेतों से होती है, कि विशिष्ट दाब के आधार पर।

उच्चरक्तचाप

जबमरीज का रक्तचाप 130/80 से ऊपर हो तो उसे उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन कहते हैं। इसका अर्थ है कि धमनियों में उच्च तनाव है। उच्च रक्तचाप का अर्थ यह नहीं है कि अत्यधिक भावनात्मक तनाव हो। भावनात्मक तनाव दबाव अस्थायी तौर पर रक्त के दाब को बढ़ा देते हैं। सामान्यतः रक्तचाप 120/80 से कम होना चाहिए।

प्रीहाइपर टेंशन

इसकेबाद 139/89 के बीच का रक्त का दबाव प्री-हाइपरटेंशन कहलाता है और 140/90 या उससे अधिक का रक्तचाप उच्च समझा जाता है। उच्च रक्तचाप से हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी, धमनियों का सख्त होना, आँखें खराब होने और मस्तिष्क खराब होने का जोखिम बढ़ जाता है।

डॉ नीरज अग्रवाल एचओडी-कम्युनिटीएंड फैमिली मेडिसीन, एम्स, पटना

जकल भागदौड़ और तनाव वाली जिंदगी में ब्लड प्रेशर की समस्या आम हो गई है। जटिल लाइफस्टाइल भी इस समस्या का एक बड़ा कारण है। इसके लिए जरूरी है खान-पान का खास ध्यान रखने, कसरत करने, सुबह के समय सैर करने चिंता मुक्त रहने की। फैमिली में ब्लड प्रेशर की हिस्ट्री है तो नियमित जांच कराना और भी जरूरी हो जाता है।

आप ब्लड प्रेशर की समस्या से घरबराएं नहीं। हां, इसे गंभीरता से लें। समय पर जांच कराएं, दवा खाएं। इस बात का ध्यान रखें की ब्लड प्रेशर ज्यादा बढ़ जाता है, तो हर्ट अटैक और पक्षाघात की समस्या बढ़ जाती है।

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