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बगैर खिड़की के कमरे में तीन छात्र, उसी में खाना भी पका रहे

5 वर्ष पहले
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पटनाके हर गली-मोहल्ले के लॉज में रहकर भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए दिन-रात पढ़ाई कर रहे छात्रों में तनाव, उलझन और चिड़चिड़ापन देखा जा रहा है। छात्रों में यह समस्या पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर नहीं है, बल्कि शुद्ध वायु नहीं मिलने से है। छात्रों को लॉज में शुद्ध हवा नहीं मिल रही है। डीबी स्टार टीम ने छात्रों का दर्द शृंखला के क्रम में लॉज के कमरों के अंदर जाकर देखा तो यही सीन सामने आया। खिड़की तो हैं नहीं, कई जगह कमरे में रोशनदान तक नहीं। ऐसे एक कमरे में दो-तीन छात्र रहने-सोने के साथ खाना भी पका रहे हैं। डॉक्टरों से ऐसी स्थिति का असर पूछा गया तो जवाब मिला कि शुरुआत में एलर्जी, खांसी वगैरह की शिकायत रहती है, लेकिन लंबे समय तक ऐसी स्थिति छात्रों को कई बीमारियां दे देती हैं।

हरमहीने 5-7 छात्र सांस की बीमारी से पीड़ित

लॉजमें रहकर पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सैकड़ों छात्र सांस की बीमारी से ग्रसित हैं। छात्रों में खांसी, गले और नाक में इनफेक्शन आम हो गया है। छात्रों ने बताया कि लॉज चारों तरफ बंद होने से शुद्ध वायु नहीं मिल पाता है, लॉज के अंदर खाने की गंध, गैस की गंध, टाॅयलेट की गंध आदि अंदर की घूमती रहती है। कई फिजिशियन से बात की गई तो निकल कर आया कि श्वास रोग से पीड़ित लॉज के छात्र हर महीने 5-7 की संख्या में आते हैं।

लॉज में नहीं एक भी खिड़की

मनोरमाकाम्पलेव, नंदन लॉज, सरस्वती लॉज, शंभू लॉज, उमा लॉज, विमला लॉज, सरस्वती लॉज आदि छात्रों के रहने के लिए बने प्राइवेट लॉज में एक भी खिड़की या रोशनदान को नहीं देख छात्रों से बात की गई तो उन्होंने पहचान छिपाते हुए बता या कि छात्रों में मानसिक बीमारी के लक्षण सामन रहे हैं। तनाव, उलझन जैसी समस्या तो जैसे यहां की पहचान ही बन गई है।

हवाके आने-जाने का एक ही रास्ता

लॉजमें रहने वाले छात्र लॉज में बने एक ही मुख्य मार्ग से आते-जाते हैं। इसी संकरे रास्ते से हवा भी अंदर लॉज के अंदर प्रवेश करती है। लॉज में छात्र के साथ हवा के लिए भी अन्य कोई रास्ता नहीं है।

स्वस्थ रखने के लिए शुद्ध हवा जरूरी

शुद्धवायुबहुत जरूरी है। शुद्ध वायु से शरीर और दिमाग को स्वस्थ करता है। छात्रों को शुद्ध वायु नहीं मिलने से श्वास रोग से संबंधित बीमारी होती है। अधिक समय तक एक ही वातावरण में रहने से या फिर यदि किसी को टीबी की शिकायत है तो लॉज में रहने वाले सभी छात्रों को टीबी हो सकती है। डॉ.दिवाकर तेजस्वी, वरिष्ठ फिजिशियन

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