पंप हाउस पर तैनात होंगे होमगार्ड, बाहर के मजदूर करेंगे सफाई : प्रधान सचिव
कचरा प्वाइंट हैं
मीट्रिक टन कचरा रोज शहर में निकलता है
आज काम पर नहीं लौटे तो हड़ताली कर्मी बर्खास्त
हड़ताल का असर... मां सरस्वती की प्रतिमाओं के पास भी गंदगी
नगरआयुक्त जय सिंह ने कहा कि हमने अपनी तरफ से नगर निगम के हड़ताली कर्मियों को वापस लौटने का आग्रह किया है। वे शनिवार को हड़ताल से वापस नहीं लौटते, तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हड़ताल पर जाने वाले कर्मियों को बर्खास्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शनिवार को पार्षदों के साथ बैठक कर सफाई मजदूरों और किराये पर वाहन की व्यवस्था करने पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं स्थायी कर्मियों पर नो वर्क नो पे लागू होगा। उन्होंने कहा कि हमने पटना नगर निगम स्टाफ यूनियन के नेताओं को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था। लेकिन सूचना देने के बाद पता चला कि यूनियन के नेता राज्य से बाहर हैं। हड़ताल के दौरान बाहर जाना गलत है।
हड़तालपर अड़ा है यूनियन : सफाईकर्मचारियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। शुक्रवार को अंचल कार्यालय के पास कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन भी किया। यूनियन के नेता नीरज कुमार वर्मा ने कहा कि निगम प्रशासन को मजदूरों की मांग पूरा कर हड़ताल को समाप्त कराने की पहल करनी चाहिए। यूनियन के नेता चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा कि हम अपनी मांग लेकर रहेंगे।
आयुक्त के निर्देश
{अपरनगर आयुक्त आस-पास के नगर निकायों से सफाई कर्मियों काे बुलवाएं {सफार्इकर्मी और वाहन किराया पर लाने के लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन निकालें {कर्मियों को 24 घंटे के भीतर लौटने का निर्देश, नहीं तो मास्टर रोल के अनुसार सेवामुक्ति की होगी कार्रवाई {निगम मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष में विशेष तैनाती, कर्मियों के बगैर सूचना नहीं आने पर कार्रवाई
िनगम देगा मजदूरी
प्रधानसचिव ने कहा कि निगम को जरूरत होने पर आसपास के जिला नगर परिषदों और जिला मुख्यालयों से सफाई मजदूर को लाया जाए। वार्ड पार्षदों से 20-20 मजदूर लाने का लक्ष्य दिया जाए। मजदूरी का भुगतान नगर निगम करेगा।
हड़ताल से शहर में कचरे का अंबार लगा है। जहां मां शारदे की प्रतिमाएं बन रही हैं, वहां भी कूड़े का ढेर लगा रहा।
नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल का असर चौथे दिन शुक्रवार को साफ दिखा। निगम के चारों अंचलों में हर कचरा प्वाइंटों पर कचरा पसरा रहा। हालांकि नूतन राजधानी अंचल की ओर से मुख्य सड़कों पर कचरा हटाया गया और केवल वीवीआईपी इलाकों में सफाई हुई। लेकिन शहर का अधिकतर इलाका गंदा ही रह गया। गुरुवार को नगर आयुक्त के आदेश के बाद कार्यपालक पदाधिकारियों ने दावा किया था कि सफाई स्तर को गिरने नहीं दिया जाएगा। रात में सफाई करने वाले मजदूरों को लगाया जाएगा। लेकिन शुक्रवार को कोशिश के बावजूद शहर साफ नहीं हो सका।
पानीको भी तरसे लोग
शहरमें पेयजल की व्यवस्था चरमरा गई है। हड़ताल के कारण पंप हाउसों पर तैनात कर्मी नहीं आए। इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हुई। बुद्धमार्ग की संगीता देवी ने बताया कि हम लोग निगम के पेयजल पर निर्भर रहते है। लेकिन बीते दो दिनों से दूसरे के घर से पानी लाना पड़ रहा है।