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1 किलोमीटर तक पीछा कर नक्सली शंकरजी को दबोचा

5 वर्ष पहले
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प्रतिबंधितउग्रवादी संगठन टीपीसी (तृतीय प्रस्तुति कमेटी) आरसीसी का बिहार संगठन प्रभारी शंकरजी उर्फ बाबा उर्फ पंडित गुरुवार को अंतत: गिरफ्तार हो गया। जहानाबाद, अरवल और पटना तीन जिलों की पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए पिछले 48 घंटे से लगातार काम कर रही थी।

शंकर अपना नाम बदलकर बाबा के नाम से बहादुरपुर इलाके में रह रहा था। इसकी खुफिया सूचना मिलने के बाद तीनों जिलों की पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान शुरू किया था। जिसमें गुरुवार रात को सफलता हाथ लगी। शंकर को उसके बहादुरपुर स्थित मकान के बाहर पुलिस ने पकड़ा लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश करने लगा।

एक किलोमीटर तक पीछा करने के दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसके घर से एक कार्बाइन, चार गोली, नक्सली साहित्य बरामद किया गया। पटना के एडिशनल एसपी(ऑपरेशन) अनुपम कुमार, अरवल के एडिशनल एसपी(ऑपरेशन) अरूण कुमार सहित जहानाबाद पुलिस की टीम संयुक्त रूप से छापेमारी करने पहुंची थी। एसएसपी मनु महाराज ने इसे बड़ी कामयाबी बताते हुए कहा कि शंकर के सभी आर्थिक स्रोतों की जांच चल रही है।

रातमें पुलिस ने दबोचा तो खुद को बताया पंडित

शातिरशंकर ने बहादुरपुर स्थित अपने घर के आसपास इस तरह का माहौल बनाया था कि लोग उसे पंडितजी बुलाते थे। वह पूजा करता था। रात में जब पुलिस की विशेषी टीम वहां पहुंच कर शंकर को दबोचा तो उसने खुद को पंडित बताते हुए कहा कि उसका नाम शंकर है ही नहीं। एकबारगी पुलिस भी हैरत में गई। मौका देखकर शंकर ने वहां से भागने की कोशिश की। लेकिन खदेड़कर पुलिस ने उसे दबोच लिया।

नक्सली के पास एके 47 मिला।

इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि पटना के तीन कोचिंग संचालक रमेश राय, अमरेश राय अनिल शर्मा से शंकर की साठगांठ सामने आयी है। जांच में पता चला है कि कोचिंग की आड़ में लेवी वसूलने का काम चल रहा था। पुलिस तीनों को तलाश रही है लेकिन कोई अभी हाथ नहीं आया है।

जांच में पुलिस को पता चला कि तीन दिन पहले ही शंकर ने अपने नाम से 2.96 लाख रुपए का एक एफडी बनाया। लेवी के रुपयों से वह बहादुरपुर इलाके में ही एक बहुमंजिली इमारत का भी निर्माण करा रहा है। इसमें कुछ और लोग भी जुड़े हैं। पुलिस के अनुसार हाल के दिनों में इसने 25 से 30 रुपए की लेवी वसूली है। जिसका सिलसिलेवार पता लगाया जा रहा है।

कई वारदातों में शामिल

शंकरके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। इसमें औरंगाबाद के एक राइस मिल में आग लगाना, जहानाबाद में ट्रैक्टर जलाने, गया में ट्रैक्टर जलाने के मामले शामिल हैं। शंकर के तीन साथियों को पुलिस ने पिछले दिनों गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद तीनों के खुलासे से शंकर की गिरफ्तारी संभव हुई।

शंकर लेवी वसूलने के लिए एकदम अलग तरीका अपनाता था। जहानाबाद के एक ईंट-भट्ठे मालिक को उसने लेवी वसूलने का कांट्रैक्ट दिया था। जिससे भी लेवी मांगी जाती थी, वह इसी व्यवसायी के पास रुपए पहुंचाता था। इस काम के एवज में ईट-भट्ठा मालिक को दस फीसदी कमीशन और लेवी नहीं देने की छूट मिलती थी। शंकर सालों भर घूम-घूम कर लेवी वसूलने का काम करता था। इसके लिए वह जहानाबाद, औरंगाबाद, गया, झारखंड के कई जिलों में लगातार घूमता रहता था।

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