सैंपल की जांच की व्यवस्था यहीं कराएं : प्रधान सचिव
बिहारड्रग कंट्रोल लेबोरेट्री को आधुनिक जांच सुविधाओं से लैस करने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने दिया है। शुक्रवार को प्रधान सचिव ने ड्रग कंट्रोलर रमेश कुमार समेत संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें बीएमएसआईसीएल और वित्त विभाग के पदाधिकारी भी मौजूद थे।
छापेमारी के बाद जो दवाएं जांच के लिए जब्त की जाती हैं, उन्हें दूसरे राज्य की लेबोरेट्री में भेजा जाता है। इसमें दवा का एक फीसदी खर्च होता है। जांच में ही काफी पैसे सरकार को खर्च करनी पड़ती है। इसलिए प्रधान सचिव ने राज्य के ही लेबोरेट्री को विकसित करने का निर्देश दिया है। मैनपावर की कमी की भरपाई कि लिए उन्होंने कहा कि फिलहाल संविदा पर बहाल कर लीजिए।
इसके बाद कर्मचारी चयन आयोग के जरिए विभिन्न पदों को भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच की लिए जितनी मशीन चाहिए, उसे खरीदने के लिए बीएमएसआईसीएल को निर्देश दिया गया है। ड्रग कंट्रोलर ने कहा कि जांच के लिए एक आधुनिक मशीन की जरूरत है, जो पांच मिनट में सैंपल की जांच कर लेती है। उन्होंने उस मशीन को भी खरीदने का निर्देश दिया। अभी जो मशीन है वह 100 से 150 सैंपल एक महीने में जांच करती है। उन्होंने पुरानी हो चुकी मशीनों को भी बदलने का निर्देश दिया। दो विशेषज्ञ ड्रग इंसपेक्टर की ड्यूटी लैब में लगाने को कहा। ड्रग कंट्रोलर ने कहा कि निर्देश मिलने के बाद से ही लैब को विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जरूरी उपकरणों की सूची बनाई जा रही है। इसे बीएमएसआईसीएल को भेजा जाएगा।