महावीर कैंसर में ओंको कलेक्ट साफ्टवेयर शीघ्र
लगभगएक करोड़ की लागत से महावीर कैंसर संस्थान में शीघ्र ही ओंको कलेक्ट साॅफ्टवेयर स्थापित किया जाएगा। यह साॅफ्टवेयर रमेश निम्मागडा द्वारा तैयार किया गया है। इस सॉफ्टवेयर से विभिन्न प्रकार के कैंसर के आंकड़े ही नहीं एकत्र किए जा सकेंगे बल्कि उन आंकड़ों के आधार पर चिकित्सा को भी सुचारु रूप से चलाया जा सकेगा। पूर्वोत्तर भारत में महावीर कैंसर संस्थान, पटना पहला अस्पताल होगा जहां यह विशेष सॉफ्टवेयर स्थापित किया जाना है। यह संस्थान के लिए एक उपलब्धि होगी। टीएमएच मुंबई, राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली, अपोलो कैंसर हॉस्पिटल चेन्नई, अमेरिकन कैंसर हॉस्पिटल, हैदराबाद और जीकेएनएम हॉस्पिटल, कोयम्बटूर में पूर्व से यह सॉफ्टवेयर स्थापित है। इसकी जानकारी चेन्नई अपोलो अस्पताल के निदेशक डाॅ. रमेश निम्मागडा ने शुक्रवार को संस्थान में आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेंस में दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संस्थान के निदेशक डाॅ. विजय कुमार गहलोत ने बताया कि कैंसर चिकित्सा में नए-नए तकनीक के जाने से शीघ्र एवं प्रभावशाली चिकित्सा संभव हो गया है। संस्थान में ओंको कलेक्ट सॉफ्टवेयर लग जाने से कैंसर के आंकड़े भी आसानी से मिल जाएंगे और फिर इलाज पर भी ध्यान केन्द्रित हो जाएगा। एसोसिएट निदेशक डाॅ. मनीषा सिंह ने बताया कि नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम के आंकड़े बताते हैं कि पुरुषों में मुख्यतः मुंह, फेफड़ा, खाने की नली और पेट का कैंसर अधिक मिलता है जबकि स्त्रियों में स्तन, बच्चेदानी और मुंह के कैंसर सर्वाधिक मिलते हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने 1982 में एनसीआरपी कार्यक्रम चलाया जिससे देशभर में कैंसर के प्रकार और उसके पाए जानेवाले क्षेत्रों के आंकड़े प्राप्त हो सके। महावीर कैंसर संस्थान पूर्व से ही भारत सरकार के कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है। किंतु, इन आंकड़ों से यह पता नहीं चल सका कि उनका इलाज क्या हुआ और इलाज से फायदा कितना हुआ। डॉ. मनीषा ने बताया कि इसका कारण यह है कि अपने देश में जो दवाएं दी जाती है वह पश्चिमी देशों द्वारा निर्धारित दवाएं है उसकी खुराक भी पश्चिमी देशों के लोगों की शारीरिक संरचना और उनकी जीवनशैली को मद्देनजर तय की गई है जो भारतीय मरीजों से बिलकुल अलग होती है। इसी कारण जो दवाएं पश्चिमी देशों में कारगर है वह हमारे देश में प्रभावहीन साबित होते हैं। श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव एवं बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष आचार्य किशोर कुणाल ने रमेश निम्मागडा फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर भारत के इस अस्पताल में इस प्रकार के सम्मोन्नत साॅफ्टवेयर स्थापित करके फाउंडेशन ने क्षेत्र के लिये अत्यन्त सराहनीय काम किया है। कुणाल ने घोषणा की कि महावीर कैंसर संस्थान में इलाज करा रहे कैंसर मरीजों को 500 रुपए में खून की आपूर्ति की जाएगी।
महावीर कैंसर संस्थान की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दाएं से डॉ. विजय कुमार गहलौत, आचार्य किशोर कुणाल, डॉ. रमेश निम्मागडा और डॉ. मनीषा सिंह।
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