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छोटे कस्बे की लड़की ने अंग्रेजी में किया ऐसा काम, दुनियाभर में हो रही है तारीफ

स्वाति की नॉवेल पटना पुस्तक मेले में खासा चर्चा में रही थी। साथ ही इस नॉवेल को कई यूनिवर्सिटीज ने अपनी लाइब्रेरी में जगह दी है।

Dainik Bhaskar

May 17, 2016, 10:20 PM IST
स्वाति की पहली अंग्रेजी नॉवेल पटना बुक फेयर में चर्चा में रही थी। स्वाति की पहली अंग्रेजी नॉवेल पटना बुक फेयर में चर्चा में रही थी।
पटना. बिहार के पटना की स्वाति कुमारी एक छोटे से कस्बे से आती हैं। एक ख़ास वजह से स्वाति आजकल चर्चाओं में हैं। उनकी खूब तारीफ हो रही है। दरअसल, अंग्रेजी में लिखी उनकी एक किताब रीडर्स के साथ क्रिटिक को बेहद पसंद आ रही है। क्या है उनकी किताब में....
- dainikbhaskar.com से बातचीत में स्वाति ने बताया कि उन्होंने मगध यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन किया है।
- इसके बाद नेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस, बेंगलुरु से एमबीए किया। इस बीच उन्हें 2012 में उन्हें फ्रांस जाने का मौक भी मिला।
- स्वाति पेशे से ऑथर हैं। इस वक्त अंग्रेजी में लिखी उनकी 'नॉवेल विदआउट ए गुडबाइ' मार्केट में आई है।
- इस नॉवेल को अब तक करीब दस हजार से अधिक लोग ऑनलाइन लाइक कर चुके हैं।
- पटना में ही नहीं दुनियाभर में भी स्वाति के नॉवेल की डिमांड है। नॉवेल में लड़कियों को मोटिवेट करने वाली कहानी है।
क्या है स्वाति के ऑथर बनने की कहानी
- स्वाति बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही लिखने का शौक था। उन्होंने कानपुर से स्कूलिंग की है। इसके बाद वे पटना आई।
- फ्रांस में रहने के दौरान अक्टूबर 2013 में उनकी मां की मौत हो गई। वे पटना आ गई। फिर वे एक नॉवेल लिखने के बारे में सोचने लगी।
- उन्होंने बताया कि ये उनकी पहली नॉवेल है जो उनके और उनकी मां के रिश्तों पर बेस्ड है।
नॉवेल में है ये कहानी
- स्वाति के नॉवेल में दो औरतों की कहानी है। इसमें से एक ऐसी है जो आज की पीढ़ी की जागरुक लड़की है।
- वहीं दूसरी उसी जेनरेशन की लड़की की मां की कहानी है, जो आज भी पिता पर निर्भर है।
- नॉवेल के बारे में स्वाति का कहना है कि किस तरह एक मां खुद के जिंदगी से लाचार होकर बेटी को समाज की सिख देती है।
- अपने लिए रास्ता खुद चुनने का अधिकार बताती है। औरत के जिंदगी के दो अलग-अलग पहलुओं को इस नॉवेल के माध्यम से रखने की कोशिश की गई है।
पटना बुक फेयर में चर्चा में रही थी स्वाति की नॉवेल

- स्वाति की नॉवेल पटना पुस्तक मेले में खासा चर्चा में रही थी। साथ ही इस नॉवेल को कई यूनिवर्सिटीज ने अपनी लाइब्रेरी में जगह दी है।
- इतना ही नहीं हाल ही में दिल्ली यूनिवर्सिटी की ओर से एक प्रोग्राम में उन्हें चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाया गया था।
- स्वाति ने बताया कि ऑनलाइन बुक को देश के साथ-साथ विदेशों में भी कमेंट मिल रहे हैं।
आगे की स्लाइड्स में देखें स्वाति की कुछ चुनिंदा फोटोज...
स्वाति पटना में अपने मामा-मामी के साथ रहती हैं। स्वाति पटना में अपने मामा-मामी के साथ रहती हैं।
उन्होंने बताया कि लिखने का शौक उन्हें बचपन से ही था। उन्होंने बताया कि लिखने का शौक उन्हें बचपन से ही था।
स्वाति के मुताबिक, उनके घरवाले अन्य बच्चों की तरह उन्हें डॉक्टर इंजीनियर बनाना चाहते थे। स्वाति के मुताबिक, उनके घरवाले अन्य बच्चों की तरह उन्हें डॉक्टर इंजीनियर बनाना चाहते थे।
लेकिन बचपन में लिखने के शौक के चलते वे ऑथर बन गईं। लेकिन बचपन में लिखने के शौक के चलते वे ऑथर बन गईं।
स्वाति ने बताया कि स्कूल में कविता लिखने में हमेशा अच्छा करती थीं। स्वाति ने बताया कि स्कूल में कविता लिखने में हमेशा अच्छा करती थीं।
स्वाति का एक छोटा भाई है जो बंगलुरू से इंजीनियरिंग कर रहा है। स्वाति का एक छोटा भाई है जो बंगलुरू से इंजीनियरिंग कर रहा है।
स्वाति के पिता कानपुर में रहते हैं और वे बिजनेसमैन हैं। स्वाति के पिता कानपुर में रहते हैं और वे बिजनेसमैन हैं।
स्वाति ने बताया कि फिलहाल वे अपने अगले प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। स्वाति ने बताया कि फिलहाल वे अपने अगले प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं।
उनका अगला प्रोजेक्ट फोटो मैग्जीन पर आधारित होगा। उनका अगला प्रोजेक्ट फोटो मैग्जीन पर आधारित होगा।
स्वाति का फेसबुक पेज भी है जिसपर दस हजार से अधिक लाइक मिल चुके हैं। स्वाति का फेसबुक पेज भी है जिसपर दस हजार से अधिक लाइक मिल चुके हैं।
छोटे कस्बे की लड़की ने अंग्रेजी में किया ऐसा काम, दुनियाभर में हो रही है तारीफ
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स्वाति की पहली अंग्रेजी नॉवेल पटना बुक फेयर में चर्चा में रही थी।स्वाति की पहली अंग्रेजी नॉवेल पटना बुक फेयर में चर्चा में रही थी।
स्वाति पटना में अपने मामा-मामी के साथ रहती हैं।स्वाति पटना में अपने मामा-मामी के साथ रहती हैं।
उन्होंने बताया कि लिखने का शौक उन्हें बचपन से ही था।उन्होंने बताया कि लिखने का शौक उन्हें बचपन से ही था।
स्वाति के मुताबिक, उनके घरवाले अन्य बच्चों की तरह उन्हें डॉक्टर इंजीनियर बनाना चाहते थे।स्वाति के मुताबिक, उनके घरवाले अन्य बच्चों की तरह उन्हें डॉक्टर इंजीनियर बनाना चाहते थे।
लेकिन बचपन में लिखने के शौक के चलते वे ऑथर बन गईं।लेकिन बचपन में लिखने के शौक के चलते वे ऑथर बन गईं।
स्वाति ने बताया कि स्कूल में कविता लिखने में हमेशा अच्छा करती थीं।स्वाति ने बताया कि स्कूल में कविता लिखने में हमेशा अच्छा करती थीं।
स्वाति का एक छोटा भाई है जो बंगलुरू से इंजीनियरिंग कर रहा है।स्वाति का एक छोटा भाई है जो बंगलुरू से इंजीनियरिंग कर रहा है।
स्वाति के पिता कानपुर में रहते हैं और वे बिजनेसमैन हैं।स्वाति के पिता कानपुर में रहते हैं और वे बिजनेसमैन हैं।
स्वाति ने बताया कि फिलहाल वे अपने अगले प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं।स्वाति ने बताया कि फिलहाल वे अपने अगले प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं।
उनका अगला प्रोजेक्ट फोटो मैग्जीन पर आधारित होगा।उनका अगला प्रोजेक्ट फोटो मैग्जीन पर आधारित होगा।
स्वाति का फेसबुक पेज भी है जिसपर दस हजार से अधिक लाइक मिल चुके हैं।स्वाति का फेसबुक पेज भी है जिसपर दस हजार से अधिक लाइक मिल चुके हैं।
छोटे कस्बे की लड़की ने अंग्रेजी में किया ऐसा काम, दुनियाभर में हो रही है तारीफ
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