आरा. भाजपा नेता विशेश्वर ओझा की हत्या के मामले में पुलिस की शक की सूई आरा जेल में बंद कुख्यात अपराधी शिवाजीत मिश्रा की ओर घूम रही है। वर्तमान में शिवाजीत मिश्रा, आरा मंडल कारा में बंद है। उनके दो बेटे हरेश मिश्रा व धनंजय मिश्रा बाहर हैं।
कई बार चलीं गोलियां
कारनोमपुर ओपी के ओझवलिया गांव निवासी विशेश्वर ओझा व सोनवर्षा गांव निवासी शिवाजीत मिश्रा के बीच लंबे समय से तनातनी चली आ रही थी। दोनों गुटों में जमीन दखल व फसल को लेकर दर्जनों बार गोलियां चलीं। लेकिन, राजनीति में विशेश्वर काफी आगे निकल चुके थे। प्रतिद्वंदी शिवाजीत का परिवार मुकदमे की लड़ाई में बर्बादी के कगार पर था। कई आपराधिक कांडों में नाम आने के बाद शिवाजीत के बेटों हरेश मिश्रा व धनंजय मिश्रा को जेल जाना पड़ा। फिलवक्त, पिता शिवाजीत व उनका बेटा किशुन आरा जेल में बंद हैं। वहीं पुलिस ने देर रात मुख्य आरोपी के घर पर छापेमारी की।
ऑटो की आड़ में छिपे थे हमलावर
सोनवर्षा बाजार के समीप शाम करीब 5:35 बजे के आसपास हथियार बंद आरोपी सड़क किनारे एक ऑटो की आड़ में छिपे थे। विशेश्वर ओझा अभी अपनी सफारी गाड़ी पर चढ़ ही रहे थे, तभी आठ-दस अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। भाजपा नेता सोनवर्षा गांव में गुडूडू मिश्रा की बेटी की शादी में गए थे। परिजनों के अनुसार जेल से जमानत पर बाहर आया हरेश मिश्रा अपने हाथ में कारबाईन लिए था। इनमें एक आरोपी 23 जनवरी को ही जेल से छूट कर आया है। वह आरा शिवाजीत मिश्रा का बेटा है।
विरोध में बंद हो गईं दुकानें
विशेश्वर ओझा की हत्या के बाद शुक्रवार की शाम हंगामा को देखते हुए शाहपुर बाजार की सभी दुकानें बंद हो गई। एसपी नवीन चन्द्र झा, एएसपी अभियान मो साजिद, प्रशिक्षु आईपीएस दयाशंकर समेत कई पदाधिकारी वहां लगातार कैंप कर रहे थे। भाजपा नेता के भाई भुअर ओझा, भावह (छोटे भाई पत्नी) व पूर्व भाजपा विधायक मुन्नी देवी शाहपुर में समर्थकों के साथ जमे थे। रात 11:30 बजे शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
शीर्ष नेताओं के करीबी थे विशेश्वर
18 अगस्त, 2015 को बिहार को सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आरा आगमन पर वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में वेलकम करने वाले वरिष्ठ नेताओं की सूची में विशेश्वर थे। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा सांसद भूपेन्द्र यादव से लेकर प्रदेश में सुशील कुमार मोदी समेत के संपर्क में थे।
मिलती रहती थीं धमकियां, नहीं मिला था अंगरक्षक
विशेश्वर ओझा ने जिला प्रशासन से लेकर विशेष शाखा में अर्जी देकर अंगरक्षक के लिए भी गुहार लगाई थी। समय-समय पर वे प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर अंगरक्षक के लिए गुहार लगाते रहे थे। लेकिन उन्हें अंगरक्षक नहीं मिला था। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण भी विशेश्वर के कई दुश्मन बन गए थे। इस क्रम में उन्हें एक बार धमकी भी मिली थी। जिसे लेकर उन्होंने शाहपुर थाना में सनहा भी दर्ज कराया था। तब उस समय उन्हें सुरक्षा गार्ड भी मिला था। हालांकि यह मामला दो साल पुराना है।
मुखिया के हाथ में फंसी है गोली
सोनवर्षा बाजार के समीप हमलावरों की गोली से घायल बक्सर जिले के ब्रह्मपुर प्रखंड के देकुली पंचायत के मुखिया कमलेदव ओझा के बायें हाथ में अभी भी गोली फंसी हुई है। जख्मी मुखिया समेत भाजपा नेता के गाड़ी के चालक राकेश को सदर अस्पताल, आरा लाया गया है।
धनबाद में भी मामला
लंबा कद। गोरा रंग। अक्सर सफेद कुर्ता पायजामा पहनना विशेश्वर ओझा की खास पहचान थी। राजनीति में गहरी पैठ बनाने में उन्होंने सफलता हासिल की थी। वैसे उनका आपराधिक इतिहास लंबा है। शाहपुर के कारनामेपुर ओपी के ओझवलिया गांव के स्व. राजकिशोर ओझा के पुत्र विशेश्वर साधारण गृहस्थ परिवार से थे। दो भाईयों में सबसे बड़े विशेश्वर ने इंटर पास करने के बाद करनामेपुर में खाद की दुकान खोली थी। विशेश्वर को मलाल रहता था कि उनके गांव की 100 बीघा जमीन सोनवर्षा गांव के दबंग जोत रहे हैं।
2002 में गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम घोषित
- 15 से अधिक हुए थे मामले दर्ज
- 2005 के विधानसभा चुनाव में पत्नी थीं जदयू प्रत्याशी
- 2009 भोजपुर-बक्सर स्थानीय निकाय से भाजपा-जदयू प्रत्याशी
- 2015 में शाहपुर से भाजपा प्रत्याशी
बक्सर में हाई अलर्ट
वरिष्ठ नेता विश्वेश्वर ओझा की हत्या की घटना की सूचना मिलते ही बक्सर पुलिस ने सभी जगहों पर हाई अलर्ट कर दिया है। जिले के विभिन्न थानों को बक्सर एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने गश्ती करने का फरमान जारी कर दिया है। साथ ही निगरानी भी बढ़ा दी है।