स्टूडेंट के किडनैपिंग की साजिश, 50 लाख के लिए इंजीनियर पिता का दोस्त बना लाइनर

4 वर्ष पहले
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पटना/दानापुर. संत माइकल स्कूल की तीसरी कक्षा के छात्र के अपहरण की कोशिश, चार लोगों की हत्या और लूट को अंजाम देने के फिराक में पटना में जुटे बड़े गिरोह का पुलिस ने पकड़ा है। दानापुर के तकियापर व आसपास के इलाकों में पुलिस ने दबिश देकर विक्की बाबा व सोनू खान गिरोह के सरगना भोली उर्फ शम्स तबरेज सहित आठ कुख्यातों को गिरफ्तार किया। इनमें विक्की बाबा गर्दनीबाग, सोनू खान दानापुर, भोली सुल्तानगंज, गोपाल कदमकुआं, संदीप पाटलीपुत्र और लालू, चंदू और अरविंद दीघा थाना इलाके के रहने वाले हैं।
 
भोली ने 2016 में चेन्नई के एक इंजीनियरिंग काॅलेज से मैकेनिकल में इंजीनियरिंग की परीक्षा पास की थी। गिरोह ने पीडब्ल्यूडी में कार्यरत और इंद्रपुरी में रहने वाले इंजीनियर विद्यासागर चौधरी के बेटे का अपहरण कर 50 लाख फिरौती मांगने की साजिश रची थी। इंजीनियर का कुर्जी निवासी दोस्त संदीप भोली और विक्की बाबा से मिला हुआ था। उसी ने दोनों से मिलकर उनके बेटे के अपहरण की साजिश रची थी। पुलिस संदीप को तलाश रही है। इंजीनियर ने बताया कि संदीप उसकी ससुराल का रहने वाला है और उसके साले के साथ उसके घर आता जाता था। कुछ दिन पहले संदीप ने कहा था- आप अपने बच्चे का ख्याल रखें, किसी भी दिन उसका अपहरण हो सकता है। इसके बाद विद्यासागर ने पाटलीपुत्र थाने में सनहा दर्ज कराया था। पुलिस तभी से मामले की तफ्तीश में जुटी थी। विक्की ने पुलिस को बताया कि एक दिन इंजीनियर के बेटे के अपरहण की कोशिश की गई थी लेकिन वह सफल नहीं हो सका। 
 
 
एसएसपी की टीम होगी पुरस्कृत
 
इस गिरोह के पास से 4 देसी पिस्टल, 9 कारतूस, 3 मोटरसाइकिल और तकरीबन 30 लाख के स्मैक बरामद किए गए है।  एसएसपी ने कहा कि गिरोह के तार बेउर जेल से जुड़े हैं। एडीजी मुख्यालय एसके सिंघल ने एसएसपी और उनकी टीम को पुरस्कृत करने की बात कही है।  
 
पहले पत्नी को मारते, फिर पति को
 
पुलिस ने गिरोह को तब पकड़ा, जब वे पटना में स्वर्ण व्यवसायी रेखा देवी की हत्या करने जुटे थे। रेखा छपरा की है। रेखा की हत्या के बाद उसके पति की हत्या करते। रेखा का संबंध विक्की बाबा से था। बाद में उसने दूसरी शादी कर ली थी। भोली ने शनिवार को दानापुर आनंद बाजार स्थित बिजली ऑफिस के कैश काउंटर को लूटने की साजिश रची थी। फिर शास्त्रीनगर हल्दीराम आउटलेट के मालिक की हत्या की प्लानिंग थी। अगले दिन रूपसपुर चंद्रलोक काम्पलेक्स के पेंट दुकानदार की हत्या की प्लानिंग थी।
 
यूपी के हैप्पी गिरोह के जुड़े हैं तार 
 
यह गिरोह मार्च में गया में हुए बैंक लूट कांड में गिरफ्तार नौबतपुर के गुड्डू और यूपी के अंकित उर्फ हैप्पी गिरोह से जुड़ा है। गुड्‌डू ने आरा गार्डन मोड़ पर 10  जनवरी को पूर्व आईएएस के बेटे अविनाश की हत्या की थी। पिछले साल 11 अप्रैल को गोविंद मित्रा रोड में दवा व्यवसायी की हत्या की थी। बीते दिनों खगौल पेट्रोल पंप लूट कांड में इसी गिरोह का हाथ था।
 
अपराधियों के साथ बच्चे की नुमाइश क्यों महाराज
 
प्रेस कान्फ्रेंस में एसएसपी मनु महाराज और उनकी टीम ने अपराधियों के साथ स्कूली बच्चे को भी लाई। कहा जा रहा था कि अपहरण से पहले इसे बचा लिया गया। पुलिस की इस कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। क्या नाबालिग बच्चे को खड़े कर पूरे मामले का खुलासा करना जायज है? प्रेस कान्फ्रेंस में सिटी एसपी पश्चिम रवींद्र कुमार, एएसपी फुलवारी राकेश कुमार, दानापुर थानाध्यक्ष भी मौज्ूद रहे।
 
ऐसे तो बच्चे का रिश्तों पर से उठ जाएगा विश्वास
 
चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट बिंदा सिंह ने बताया कि अपराधियों के सामने उस छात्र को नहीं लाना चाहिए था, जिसके अपहरण की कोशिश की गई थी। यह पुलिस की अपरिपक्वता है। छात्र के दिल-दिमाग पर इसका बुरा असर पड़ेगा। वह हमेशा अनजान को देख डरा रहेगा। यही नहीं उसे रिश्तों से भी विश्वास उठ जाएगा। वह इसलिए कि उसे जानकारी हो गई है कि उसके अपहरण कराने में उसके पापा के दोस्त का हाथ था। बच्चे के दिमाग में अगर कुछ गलत चीज बैठ जाती है, तो वह कभी दूर नहीं होती। 
 
बच्चे के दिल और दिमाग पर रहेगा असर
 
एडिसन आर्म स्ट्रांग के प्रिंसिपल संत माइकल ने कहा कि छोटी उम्र में अगर बच्चे के साथ इस तरह की घटना होती है जो इसका असर बच्चे के दिल-दिमाग पर रहता है। बच्चे को अपराधी के सामने नहीं लाना चाहिए था और न ही मीडिया के सामने। उसे इस बात की जानकारी भी नहीं होनी चाहिए थी कि वह अगवा होने वाला था। इस तरह के मामलों में बच्चे को प्रोत्साहित करना चाहिए। उसे  एक्स्ट्रा केयर की जरूरत है। पैरेंट्स को भी उसे इस बात की जानकारी नहीं देनी चाहिए थी।
 
पुलिस को ऐसा नहीं करना चाहिए था
 
रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी ने बताया कि एक रिटायर्ड आईपीएस अफसर ने कहा- व्यवहारिक तौर पर ऐसा नहीं होना चाहिए था। कानूनी तौर पर यह गलत नहीं। मानवीय आधार पर पुलिस को ऐसा नहीं करना चाहिए था। बच्चे की मानसिकता पर सदमे की छाप पड़ जाएगी।  

बच्चे को जानकारी नहीं होना चाहिए थी
प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के अधक्ष शमायल अहमद ने कहा- यह उचित नहीं है। उसके मन पर बुरा असर पड़ सकता है।
 
एसएसपी की दलील : बच्चे के पिता ने ही कहा था ले जाएं ऑफिस में
पुलिस उस बच्चे को अपराधियों के सामने नहीं लाना चाह रही थी। उसके पिता ने ही कहा था कि उसे अपने आॅफिस में ले जाएं। वही बच्चे को लेकर यहां आए भी थे। पुलिस को थैंक्स दिया। उस बच्चे को पता था कि उसे कौन किडनैप कराने वाला था। पिता ने उसे बताया था। पुलिस की ऐसी कोई नीयत नहीं थी कि बच्चे को सामने लाया जाए। मनु महाराज, एसएसपी
 
 
 
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