प्रवासी पक्षियों को बचाने के लिए रोका रेल लाइन निर्माण का काम, 200 करोड़ खर्च

4 वर्ष पहले
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समस्तीपुर/ पटना. मिथिलांचल की महत्वाकांक्षी हसनपुर-सकरी 79 किलोमीटर रेल परियोजना पर ब्रेक लगा है। वन विभाग की आपत्ति के बाद कुशेश्वरस्थान पक्षी विहार के पास निर्माण कार्य ठप है। पर्यावरण एवं वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (भारतीय वन्यजीव संस्थान) देहरादून की एक टीम परियोजना की इम्पैक्ट स्टडी के लिए आने वाली है।
 
टीम ने हरी झंडी दी तो निर्माण शुरू होगा। अन्यथा रेलवे को रास्ता बदला पड़ेगा। एनआइटी पटना को परियोजना की हाइड्रोलॉजिकल स्टडी करनी थी। जानकारी के मुताबिक एनआइटी की ओर से गो-अहेड का सिग्नल मिल चुका है। 

325 करोड़ की इस योजना पर अबतक करीब 200 करोड़ रुपये खर्च हो चुका है। इस वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 50 करोड़ रुपये की राशि मिली है। सकरी की ओर से हरनगर स्टेशन तक रेलवे लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। सकरी से बिरौल तक ट्रेनों का परिचालन भी किया जा रहा है। जबकि बिरौल से हरनगर तक रेलवे लाइन बन कर तैयार है। उधर, हसनपुर की ओर से बिथान तक मिट्टीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। रेल पुलों के निर्माण का कार्य चल रहा है।
 
बड़ा है प्रोजेक्ट
 
योजना के तहत हसनपुर, बिथान, कौराही, कुशेश्वरस्थान, हरनगर, बिरौल , नेडली, बेनीपुर, जगदीशपुर सकरी को स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। इसके तहत सकरी, कुशेश्वस्थान हसनपुर को जंक्शन के अलावा चार स्टेशन, 45 गुमटी 82 छोटे-बड़े पुल बनेंगे।
 
200 करोड़ खर्च
 
वनविभाग के अधिकारियों का तर्क है कि कुशेश्वर स्थान पक्षी विहार में प्रतिवर्ष अप्रवासी पक्षी आते हैं। पक्षी विहार के पास से ही रेलवे लाइन गुजरने वाली है जिससे पक्षी को परेशानी होगी। बता दें कि प्रोजेक्ट पर 200 करोड़ खर्च हो चुके हैं।
 
योजना एक नजर में 
 
- 1951 में योजना का सर्वे शुरू हुआ। 
- 1953 में रेलवे बोर्ड ने कहा बाढ़ के इलाके में संभव नहीं।
- 1972 में तत्कालीन रेलमंत्री स्व. ललित नारायण मिश्रा ने सर्वे की घोषणा की। इसी बीच समस्तीपुर स्टेशन पर बम विस्फोट में ललित बाबू की हत्या हो गई। योजना की फाइल बंद कर दी गई। 
- 1997 में रेल मंत्री रामविलास पासवान ने इसे मिथिलांचल के विकास के लिये जरुरी बताते हुए पुन: शिलान्यास किया। रामविलास के मंत्री से हटते ही कई वर्षों तक इस योजना को राशि नहीं मिली। 
- 2004 में लालू प्रसाद के रेल मंत्री बनने पर इस योजना को फंड मिलना शुरू हुआ। इस वित्तीय वर्ष में 50 करोड़ रुपये मिले हैं।
 
अनुमति के बाद शुरू होगा काम
 
समस्तीपुर के पूर्व मध्य रेलवे के उपमुख्य अभियंता सौरभ मिश्रा ने बताया कि वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून की टीम स्थल पर आने वाली है। टीम ने निर्माण कार्य की अनुमति दी तो कुशेश्वर स्थान के पास कार्य शुरू होगा। योजना को दो भागों में बांट कर जल्द पूरा करने का प्रयास होगा। 
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