पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार अपना काम करेगी और किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हर हाल में कानून का राज स्थापित रहेगा। बिहार में अपराध में लगातार कमी आई है। विपक्ष के भ्रामक बयानों और खबरों से धारणा बनाई जा रही है कि अपराध बढ़ गए हैं।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से सभी मुद्दों को लेकर विपक्ष को बेनकाब करने और जनता को वास्तविक तथ्यों से अवगत करने के लिए कहा। वे रविवार को पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी को संबोधित कर रहे थे। बैठक का आयोजन 7, सर्कुलर रोड में किया गया।
बनाएंगे 50 लाख नए सदस्य
सीएम ने कहा कि जदयू को बहती नदी की तरह जीवंत बनाया जाएगा न कि तालाब की तरह बंद। संगठन से बुद्धिजीवी, रणनीतिकार के साथ समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को जोड़ा जाए और उनके अनुभवों का लाभ उठाया जाए। उन्होंने पूरे प्रदेश में कम से कम 50 लाख नए सदस्य बनाने का टास्क भी राज्य कार्यकारिणी को दिया। उन्होंने संगठन में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आगे लाने और अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने का सुझाव दिया। बताया कि प्रखंड व पंचायत स्तर की कमेटियों के बन जाने और फिर सदस्यता अभियान के बाद कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेगा।
सरकार के कार्यों को जनता तक ले जाएं कार्यकर्ता
नीतीश कुमार ने कहा कि जदयू कार्यकर्ता सरकार के कल्याणकारी व विकास कार्यों को जनता के बीच लेकर जाएं। सात निश्चय में से एक महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण को राज्य सरकार ने पूरा कर दिया। इसी प्रकार शराबबंदी की प्रक्रिया चल रही है। एक मई से लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून लागू हो जाएगा। शिकायतों का निवारण नहीं हुआ तो अपील होगी और वहां से भी काम नहीं होने पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशांत किशोर का मामला उठा तो सीएम ने समझाया
प्रशांत किशोर को चुनाव में जीत का श्रेय देने का मामला बैठक में कुछ लोगों ने उठाया। उनका कहना था कि पूरा श्रेय किसी को न दिया जाए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसे नेताओं को समझाया। उन्होंने प्रशांत किशोर को योग्य व्यक्ति बताया और कहा कि उनका सहयोग लेते रहेंगे। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, पीके शाही, श्याम रजक, आरसीपी सिंह, सतीश कुमार, उदय नारायण चौधरी, संजय सिंह, नीरज कुमार भी मौजूद थे।
अपनी विचारधारा थोपना चाहती है भाजपा
नीतीश कुमार ने कहा- जेएनयू की घटना से साबित होता है कि भाजपा अपनी एकांकी विचारधारा सभी पर थोपना चाहती है। सीपीआई-सीपीएम से किसी के राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन वे देशद्रोही नहीं हो सकते। यह सब भाजपा की प्रायोजित कहानी है। कहा- जदयू बिहार के बाहर भी अपनी ताकत बढ़ाएगा। यूपी से इसकी शुरुआत होगी। वहां कई दलों के साथ जदयू का गठबंधन बना है। यूपी के बाद देश से भाजपा की विदाई की शुरुआत हो जाएगी।
जिलाध्यक्षों के दायित्वों की समीक्षा
इससे पहले वशिष्ठ नारायण सिंह ने मनोनीत जिलाध्यक्षों को सौंपे सांगठनिक दायित्वों की समीक्षा की। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को सदस्यता अभियान में जुट जाने की अपील की। कहा कि हमें जिन वर्गों के लोगों ने समर्थन दिया, उनको और जिन्होंने हमें समर्थन नहीं दिया है, मगर अब वे हमारे साथ आना चाहते हैं, उन सब को साथ लेकर चलना है। सरकार के दो मुख्य आधार हैं- महिला सशक्तीकरण और न्याय के साथ विकास।