जुबानी जंग : त्यागी बोले- राजद के विधायकों की संख्या 23 से 80 होना नीतीश की देन

4 वर्ष पहले
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पटना. राजद पर हमलावर जदयू प्रवक्ताओं के बयानों में और भी तीखापन आ गया है। शुक्रवार को प्रदेश जदयू कार्यालय में प्रदेश प्रवक्ताओं की बैठक हुई और उसके बाद एक-एक करके प्रवक्ताओं ने राजद पर हमला तेज कर दिया। राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि राजद के विधायकों की संख्या 23 से 80 हो गई है, तो यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की देन है।
 
डॉ. अजय आलोक ने कहा कि राजद ध्यान भटकाने की कोशिश न करे। उसे सवालों का जवाब देना चाहिए। समय व परिस्थिति को देख कर फैसला होगा। राजद को पता होना चाहिए कि उसके विधायकों की संख्या 23 से 80 हो गई है, तो यह नीतीश कुमार की ही देन है। हमने अपना दृष्टिकोण पहले दिन ही साफ कर दिया था कि जिन पर सवाल उठे हैं उन्हें जनता के सामने आकर तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए। प्रदेश जदयू कार्यालय में हुई बैठक में मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह, नीरज कुमार, राजीव रंजन प्रसाद, डॉ. सुनील सिंह, डॉ. अजय आलोक, डॉ. भारती मेहता, निखिल मंडल व अरविंद निषाद शामिल हुए। 
 
घमंड न करे राजद : संजय सिंह

प्रदेश जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि राजद घमंड न करे और न ही जदयू को 80 सीटों की धमकी दें। विधानसभा चुनाव में राजद को नहीं, नीतीश कुमार के फेस पर बिहार की जनता ने वोट दिया। अगर अकेले ताकत दिखाने का भ्रम पाल रहे हैं, तो 2010 के चुनाव में क्यों 23 सीटों पर ही राजद सिमट गया था? कोई भी अपनी ताकत दिखाने की धमकी न दे। नीतीश की चुप्पी टूटी, तो कुछ अच्छा ही होगा। कहीं न कहीं गाज जरूर गिरेगी। हमें वक्त का इंतजार करना चाहिए। 

भ्रम में न रहे राजद : सुनील 

डॉ. सुनील सिंह ने कहा कि राजद 80 विधायकों का दंभ नहीं भरे। जदयू ने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया है। जदयू किसी भी कुर्बानी के लिए तैयार है। नीतीश कुमार सरकार के मुखिया हैं। उन्होंने एक मानक स्थापित किया है। मुख्यमंत्री से तय मानकों के अलावा किसी दूसरी चीज की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए। हम अपनी लाइन से पीछे नहीं हटने वाले हैं।
 
सुशील मोदी बोले :इस्तीफा न देकर मुख्यमंत्री के निर्देश की अवहेलना कर रहे तेजस्वी यादव
 
भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि इस्तीफा नहीं देकर डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री के निर्देश की अवहेलना रहे हैं। एनडीए के कार्यकाल में मुख्यमंत्री के संकेत पर मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। मोदी ने कहा कि जदयू द्वारा राजद को दिए गए अल्टीमेटम का भाजपा समर्थन करती है। लालू प्रसाद भी अपनी संपत्ति का खुलासा करें। यह साफ है कि तेजस्वी के पास कोई जवाब नहीं है। इसीलिए तो वे पिछड़ा, नाबालिग और बदले की कार्रवाई की रट लगाए हुए हैं। मुख्यमंत्री अविलंब उन्हें बर्खास्त करें।  मोदी ने कहा कि सीबीआई ने तेजस्वी के खिलाफ गंभीर आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। तेजस्वी ने डिलाइट मार्केटिंग कंपनी की 94 करोड़ बाजार मूल्य की संपत्ति मात्र 64 लाख में अपने नाम लिखवा ली। इनकम टैक्स ने तेजस्वी की डिलाइट मार्केटिंग की 9 परिसंपत्तियों के साथ एके इन्फोसिस्टम की 3 और दिल्ली में एबी एक्सपोर्ट की एक संपत्ति जब्त की है। तेजस्वी पर इतने गंभीर हैं कि कई वर्षों तक उन्हें दिल्ली में सीबीआई कोर्ट व इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल का चक्कर लगाना पड़ेगा। इसके बावजूद वे प्रमाणित नहीं कर पाएंगे कि ये संपत्ति बेनामी नहीं है। ऐसा व्यक्ति जिसे कोर्ट का चक्कर लगाने से फुर्सत नहीं मिलने वाली है वह मंत्री पद पर कैसे रह सकता है?
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