कुख्यात अरेस्ट, हत्या, लूट, डकैती सहित करीब तीन दर्जन मामले में थी तलाश

5 वर्ष पहले
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सहरसा. उत्तर बिहार पुलिस के लिए सिरदर्द बने कुख्यात कौशल यादव बुधवार की सुबह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सहरसा के आधा दर्जन विभिन्न थानों की पुलिस ने बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के बलवाहाट ओपी के मोहनिया गांव से उसे गिरफ्तार किया। सिमरी बख्तियारपुर डीएसपी अजय नारायण यादव ने कौशल यादव की गिरफ्तारी की पुष्टि की।
उन्होंने हथियार व कौशल के साथ अन्य लोगों की गिरफ्तारी के बाबत सुरक्षा कारणों से अभी कुछ बताने में असमर्थता जताई। डीएसपी अजय नारायण यादव ने बताया कि कुछ दिनों से जिले में हो रही वारदातों के संबंध में कौशल यादव के हाथ होने की सूचना मिल रही थी। जिला के सौरबाजार थाना क्षेत्र के हनुमाननगर चकला में 13 दिसंबर को अपराधियों ने पेट्रोल पंप से डेढ़ लाख रुपए की लूट की घटना को अंजाम दिया था। उसमें भी कौशल यादव शामिल था।
उस घटना में शामिल कुछ अपराधियों के मोबाइल को सर्विलांस पर रखा गया था। पुलिस ने उस घटना में शामिल बनाम ओपी क्षेत्र के जमाल नगर पंचायत हथमंडल गांव से दो लोगों को गिरफ्तार किया था। उन दोनों से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने कौशल यादव को टारगेट किया। गिरफ्तार कौशल यादव से पूछताछ चल रही है। उसकी निशानदेही पर कई थाना क्षेत्रों में छापेमारी भी की जा रही है। इस ऑपरेशन में जिला पुलिस के अलावा सौरबाजार, बनमा ओपी, सलखुआ, बलवाहाट आदि थानों के थानाध्यक्ष पुलिस बल के शामिल थे।
पत्नी को मुखिया पद के लिए लड़ाया था
इस साल हुए पंचायत चुनाव में उसने अपनी पत्नी रेणू देवी को मुखिया पद के लिए चुनाव भी लड़ाया था। जिसमें उसे हार मिली थी। चुनाव हारने के बाद उसने एक बार फिर अपराध जगत में उतरकर आपराधिक वारदात को अंजाम देने लगा था।
कई जिलों में दर्जनों मामले दर्ज हैं कौशल पर
बलवाहाट ओपी के सरौंजा पंचायत के मौहनिया गांव से बुधवार को सहरसा पुलिस के हत्थे चढ़ा कुख्यात कौशल यादव पुलिस के लिए चुनौती बन चुका था। उस पर करीब तीन दर्जन से अधिक अपराघिक मामले छपरा, खगड़िया, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा आदि जिलों में दर्ज हैं। कुछ मामलों में उसे जेल भी हुई थी। अभी पिछले साल ही वह लगभग चार साल जेल में रहने के बाद बाहर आया था।
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