पटना. राज्य में कानून व्यवस्था की खराब स्थिति को लेकर एनडीए का प्रतिनिधिमंडल रविवार को राज्यपाल से मिला। नेताओं ने राज्यपाल रामनाथ कोविंद से मौजूदा परिस्थिति में तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया और कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने में राज्य सरकार पूरी तरह विफल हो गई है।
क्या कहा विपक्ष ने
अगर जरूरी हो तो वे सरकार के खिलाफ कठोर निर्णय भी लें, ताकि जनता भयमुक्त वातावरण में जी सके। पूरे प्रदेश में अपराधियों की समानांतर सत्ता स्थापित हो गई है और वे सरकार-प्रशासन से बेखौफ हैं। जदयू, राजद व कांग्रेस के गठजोड़ से प्रदेश में फिर भय का वातावरण तैयार हो गया है। सरकार सत्ता में बने रहने के लिए विरोधियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। विरोधी दल के कार्यकर्ताओं की हत्याओं का दौर शुरू हो गया है।
16 को जिला मुख्यालयों में होगा आक्रोश मार्च
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि 16 फरवरी को सभी जिला मुख्यालयों में आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। राज्यपाल ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। प्रदेश में अपराध का ग्राफ इस कदर बढ़ा है कि समाज का हर तबका अपने जान-माल को लेकर चिंतित है। प्रतिनिधिमंडल में मंगल पांडेय के अलावा विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रेम कुमार, सांसद अश्विनी कुमार चौबे, सांसद डाॅ. सीपी ठाकुर, विधायक नंदकिशोर यादव, पूर्व सीएम जीतनराम मांझी, विजय यादव, लोजपा सांसद चिराग पासवान, प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस, राष्ट्रीय महासचिव डाॅ. सत्यानंद शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता अशरफ अंसारी, रालोसपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष व विधायक ललन पासवान शामिल थे।
राज्यपाल से किया इन घटनाओं का जिक्र
- भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा की 12 फरवरी को सरेआम आरा के सोनवर्षा बाजार में हत्या कर दी गई। कारबाइन का इस्तेमाल किया गया। हत्या के आरोपी राजद कार्यकर्ता हैं। पहले स्व. ओझा ने एसपी से लेकर डीजीपी तक से जानमाल की रक्षा की गुहार लगाई थी। लेकिन, अंगरक्षक नहीं दिया गया।
- 11 फरवरी को सारण में भाजपा कार्यकर्ता केदार सिंह की गोली मारहत्या कर दी गई।
- पांच फरवरी को कच्ची दरगाह में लोजपा कार्यकर्ता बृजनाथी सिंह की हत्या एके 47 से कर दी गई। अपराधी अब तक पकड़े नहीं गए।
- नवादा के राजबल्लभ यादव पर नाबालिग से दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ है। अभी तक पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
- पूर्णिया के सांसद व रुपौली की जदयू विधायक अपराधी को थाने से छुड़ाकर ले जाते हैं और पुलिस प्रशासन मौन है।
- जोकीहाट से जदयू विधायक सरफराज राजधानी एक्सप्रेस में महिला दंपती से छेड़खानी करते हैं। मामला दर्ज होता है तो थाने से निजी मुचलके पर उन्हें रिहा कर दिया जाता है।
- मुजफ्फरपुर में व्यवसायी की हत्या की जाती है और अभी तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है।
- पटना में स्वर्ण व्यवसायी की हत्या होती है और पुलिस इसमें एक अपराधी गिरोह की संलिप्तता बताता है। अब तक गिरोह का सरगना पुलिस के हाथ नहीं लगा।
- दरभंगा में निर्माण कंपनी के इंजीनियरों की हत्या अपराधियों ने सरेआम कर दी। अब तक इसमें संलिप्त मुख्य अपराधी को पकड़ा नहीं जा सका।
तत्काल कार्रवाई करें राज्यपाल : प्रेम
नेता प्रतिपक्ष डाॅ. प्रेम कुमार ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान स्थिति भयावह है। अपराधियों के आगे जनता बेबस है। इस स्थिति से निजात दिलाने के लिए राज्यपाल तुरंत कार्रवाई करें। कानून व्यवस्था में सुधार व राज्य में भयमुक्त माहौल बनाने के लिए राज्यपाल अपने स्तर से प्रयास करें।
महागठबंधन में कोई सुरक्षित नहीं : मांझी
पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने कहा कि महागठबंधन की सरकार में समाज का कोई तबका सुरक्षित नहीं है। दलित व महादलित महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं। उधर, हम सेक्युलर की महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष अनामिका पासवान ने कहा कि प्रशासन महज दिखावा कर रहा है।
जंगलराज से भी भयावह स्थिति: चिराग
चिराग पासवान ने कहा कि आज प्रदेश की स्थिति जंगलराज से भी भयावह हो गई है। महागठबंधन या उसके नेताओं के खिलाफ बोलने वालों को टारगेट किया जा रहा है। विशेश्वर ओझा व बृजनाथी सिंह की हत्या इसी का परिणाम है। हमने राज्यपाल से राष्ट्रपति शासन लगाने और हत्याओं की सीबीआई से जांच की मांग की है।
अपराध की राजधानी बना पटना : ललन
रालोसपा विधायक ललन पासवान ने कहा कि पटना अपराध की राजधानी बनती जा रही है। अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। विरोधियों की हत्याएं कराई जा रही है। इस प्रकार की स्थिति से पूरा बिहार दहल रहा है। अब राज्यपाल ही इस पूरी स्थिति से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएं।
नहीं रह गया कानून का राज : नंदकिशोर
भाजपा नेता नंदकिशोर यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज नहीं रह गया है। हत्या व रंगदारी की घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है। नीतीश कुमार की सत्ता पर पकड़ कमजोर हो गई है। वहीं, सांसद अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि सोमवार को हम बक्सर में अनशन पर बैठेंगे। एक दिन के सांकेतिक अनशन में हम सरकार से कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने व अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग करेंगे।