छात्रों ने बिहारशरीफ स्टेशन फूंका, भगदड़ में महिला मरी, रेलवे की बहाली नहीं निकलने पर बवाल

5 वर्ष पहले
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बिहारशरीफ (पटना). आंदोलन के नाम पर 3 हजार छात्रों ने बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन में शुक्रवार को जमकर गुंडागर्दी की। बेलगाम छात्रों ने स्टेशन को पूरी तरह तहस-नहस कर आग के हवाले कर दिया। बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग करते हुए नगर थाना के बोलेरो में भी आग लगा दी। नगर थानाध्यक्ष उदय कुमार मौके से भागकर अपनी जान बचाई। केंद्र सरकार के तीन साल पूरा होने के बाद भी रेलवे की वैकेंसी नहीं निकाले जाने के कारण छात्र युवा आंदोलन के बैनर तले चौधरी चरण सिंह की अगुवाई में आंदोलन किया गया था। 
 
आंदोलन में शामिल होने के लिए एक दिन पूर्व शहर में पर्चा भी बांटा गया था। करीब 300 छात्र श्रम कल्याण केंद्र के मैदान में जमा हुए, जहां से सभी नारेबाजी करते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन पहुंचने पर छात्रों की संख्या 3 हजार से अधिक हो गई। आंदोलित छात्र रेलवे ट्रैक पर लोहे का पोल व दरख्त रख कर प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद रेल प्रशासन ने राजगीर से दिल्ली जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस को पावापुरी हॉल्ट पर रोक दिया। रेल थाना पुलिस छात्र नेता से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील करते हुए रेलवे ट्रैक से पोल व दरख्त को हटाने को कह रही थी। 
छात्रों को जब श्रमजीवी एक्सप्रेस के पावापुरी में रोके जाने की सूचना मिली तो उन्होंने उपद्रव शुरू कर दिया। इस घटना में दर्जन भर पुलिस कर्मी व आधा दर्जन पत्रकार जख्मी हुए। छात्रों ने पत्रकारों को टारगेट कर निशाना बनाते हुए कई कैमरे व मोबाइल छीन लिए। 
 
थाने पर हमले से उपद्रव शुरू
उग्र छात्र श्रमजीवी ट्रेन को लाए जाने की मांग कर रहे थे। रेल थाना पुलिस द्वारा इनकार करने पर छात्र गुंडागर्दी पर उतर आएं। हजारों छात्र रेल थाना पर पथराव करते हुए अंदर घुस गए और तोड़फोड़ करते हुए अधिकारी व कर्मियों की पिटाई शुरू कर दी। छात्रों की संख्या अधिक रहने के कारण पुलिस कर्मी जान बचाकर मौके से भागे। इसके बाद छात्रों का हुजूम रेलवे स्टेशन पर टूट पड़ा। सभी कार्यालय के फर्नीचर व अन्य सामान  को रेलवे ट्रैक पर फेंक कर आग लगा दिया।
 
कार्यालयों में आग लगाकर आरक्षण काउंटर में लूटपाट
उपद्रवियों ने माल गोदाम, इन्क्वायरी काउंटर, प्रतीक्षालय, स्टेशन प्रबंधक कार्यालय, कंट्रोल रूम, आरक्षण कार्यालय, टिकट काउंटर समेत सभी कार्यालयों में तोड़फोड़ करते हुए सभी सामान को नष्ट कर दिया। फर्नीचर को रेलवे ट्रैक पर फेंक कर आग आग लगा दी गई। आरक्षण काउंटर से 1 लाख से अधिक नगद भी लूट लिया गया। कुछ बक्सा टिकट भी जला दिया गया। एक बक्से के टिकट की कीमत 2 करोड़ 20 लाख से बताई जा रही है।
 
कार्यालयों में आग लगाकर आरक्षण काउंटर में लूटपाट 
उपद्रवियों ने माल गोदाम, इन्क्वायरी काउंटर, प्रतीक्षालय, स्टेशन प्रबंधक कार्यालय, कंट्रोल रूम, आरक्षण कार्यालय, टिकट काउंटर समेत सभी कार्यालयों में तोड़फोड़ करते हुए सभी सामान को नष्ट कर दिया। फर्नीचर को रेलवे ट्रैक पर फेंक कर आग आग लगा दी गई। आरक्षण काउंटर से 1 लाख से अधिक नगद भी लूट लिया गया। कुछ बक्सा टिकट भी जला दिया गया। एक बक्से के टिकट की कीमत 2 करोड़ 20 लाख से बताई जा रही है।
 
दोपहर तीन बजे से शुरू हुआ 
ट्रेनों का परिचालन
हंगामे के करीब चार घंटे बाद अपराह्न तीन बजे से ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया गया। रेलकर्मियों ने पटरियों को दुरुस्त करने में  काफी मेहनत की। स्टेशन मास्टर श्यामू चौधरी के नेतृत्व में सभी रेलकर्मी काम में जुटे रहे। सबसे पहले राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस को पास कराया गया। यह ट्रेन पावापुरी स्टेशन पर घंटों से खड़ी थी। इसके बाद राजगीर-दानापुर इंटरसिटी, राजगीर-हावड़ा आदि ट्रेनों को पास कराया गया।
 
स्टेशन प्रबंधक ने कहा- रेलवे को 15 करोड़ का नुकसान 
स्टेशन प्रबंधक श्यामू चौधरी ने बताया कि इस घटना में 15 करोड़ से अधिक की संपत्ति का रेलवे का नुकसान का अनुमान है। सही आकलन वरीय अधिकारियों के पहुंचने के बाद होगा। उपद्रवियों ने पटरियों को क्षतिग्रस्त कर पटरी लॉक सिस्टम, सिग्नल सिस्टम में आग लगा दी। लॉक सिस्टम भी तहस-नहस कर दिया गया। पटना से इंजीनियरों के आने के बाद यह निर्धारित हो सकेगा कि सिस्टम को दुरुस्त करने में कितना समय लगेगा।
 
एसपी ने कहा- नहीं बख्शे जाएंगे दोषी, छापेमारी जारी 
एसपी कुमार आशीष ने बताया कि उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा। वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान कर पुलिस कार्रवाई में जुट गई है। कुछ नामजद व सैकड़ों अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी की प्रक्रिया में पुलिस जुटी है। छात्र नेता की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। मौके से दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच कुछ कोचिंग संचालकों की भूमिका भी सामने आई है।
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